बरेली: 'छोटे दलों का बनाएंगे नया गठबंधन', मौलाना तौकीर रजा का दावा
ज्ञानवापी मुद्दे पर जेल भरो के एलान के बाद से ही लगाया जा रहा था चुनाव की तैयारी का अनुमान
बरेली, अमृत विचार। ज्ञानवापी में पूजा की अनुमति दिए जाने के खिलाफ आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के जेल भरो आंदोलन के ऐलान के बाद ही अनुमान लगाया जा रहा था कि उनकी राजनीति कोई नया मोड़ लेने जा रही है, अब हुआ भी वैसा ही है। मौलाना ने अब दिल्ली में छोटे दलों के साथ बैठक करने का दावा करते हुए नया गठबंधन बनाने का ऐलान किया है।
विधानसभा चुनाव 2022 से पहले मौलाना तौकीर रजा ने हरिद्वार में हुई धर्मसंसद के खिलाफ दिल्ली कूच का एलान किया था और फिर चुनाव में कांग्रेस से हाथ मिलाया था। इस बार ज्ञानवापी के मुद्दे पर जेल भरो के तहत सामूहिक गिरफ्तारी की असफल कोशिश के बाद अलग गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने का एलान किया है।
आईएमसी के मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी के मुताबिक रविवार को मौलाना ने इस्लामिक कल्चर सेंटर में बैठक कर नए गठबंधन का एलान किया। इदरीसी के मुताबिक मौलाना ने इस बैठक में कहा कि उनके लिए सारे विकल्प खुले हुए हैं। जल्द आगे रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने इस बैठक में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर भी जोर दिया।
दावा किया गया है कि मौलाना तौकीर की बैठक में अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखती पार्टियों के पूर्व सांसद और विधायक भी शामिल हुए। पीडीए के इसी समीकरण के सहारे सपा चुनाव में उतरी है, यानी साफ है कि मौलाना का निशाना सपा के इसी फार्मूले पर होगा। इसके साथ उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, इंडिया गठबंधन के बाद लगा था कि भाजपा को हराने के लिए मजबूत गठबंधन बन गया है लेकिन कांग्रेस की नीतियों से गठबंधन बिखर रहा है। भाजपा और आरएसएस से मुकाबला करने की क्षमता किसी में नजर नहीं आ रही है। मुस्लिम और दलितों को नजर अंदाज किया जा रहा है। चुनाव आयोग समेत सभी एजेंसियां सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। जो काम इंडिया गठबंधन को करना था, उसके लिए अब खुद आगे आना पड़ा है।
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