Bareilly News: जीएसटी विभाग की गोपनीय जांच में खुलासा, समाधान योजना की आड़ में चल रहा टैक्स चोरी का खेल
बरेली, अमृत विचार। जीएसटी विभाग की गोपनीय जांच में पता चला है कि समाधान योजना की आड़ में पंजीकृत व्यापारी बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर रहे हैं।
इनमें जिले के 22 सौ तो ऐसे व्यापारी हैं जो ग्राहकों से पूरा टैक्स वसूल रहे हैं लेकिन उसे जमा नहीं कर रहे। इस वजह से पिछले साल की तुलना में इस साल टैक्स जमा करने वाले व्यापारियों की संख्या अच्छी-खासी कमी आई है। विभाग ने इन व्यापारियों की सूची तैयार कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जिले में समाधान योजना में 14257 व्यापारियों का पंजीकरण है। इन व्यापारियों का सालाना टर्नओवर 40 लाख से डेढ़ करोड़ तक है। उन्हें एक प्रतिशत टैक्स देना है लेकिन ज्यादातर व्यापारी यह टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। विभाग की ओर से हाल ही में कराई गई जांच में पता चला है कि रिटर्न दाखिल करने वाले जिले के 22 सौ व्यापारियों का टैक्स शून्य है, जबकि 47 सौ व्यापारी रिटर्न ही नहीं भर रहे है। इससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हो रही है। करीब 75 सौ ही ऐसे व्यापारी हैं जो अपने टर्नओवर के हिसाब से टैक्स जमा कर रहे हैं। विभाग ने टैक्स जमा ने करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
बता दें कि समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारियों को तिमाही आधार पर रिटर्न मिलता है। खरीदे गए माल पर उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलता है। उन्हें अपनी कुल बिक्री पर एक फीसदी जीएसटी जमा करनी होती है। इसमें प्रमुख एवं टैक्स योग्य दोनों की गणना की जाती है। अधिकारियों के मुताबिक समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारियों फरवरी के अंत तक टैक्स जमा करना होगा वर्ना छापा अभियान चलाकर टैक्स जमा कराया जाएगा।
पिछले साल के सापेक्ष छह फीसदी कम जमा हुआ टैक्स
वित्तीय वर्ष 2022-23 में समाधान योजना में 13165 व्यापारी पंजीकृत थे जिनकी संख्या इस साल बढ़कर 14257 पहुंच गई। शून्य रिटर्न भरने वाले भी इस बार घटे हैं। साल 2022-23 में 3230 व्यापारियों ने शून्य रिटर्न भरा, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में संख्या 22 सौ रह गई। रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारियों का आंकड़ा भी बढ़ा है। पिछले साल ऐसे 2125 व्यापारी थे, अब 47 सौ व्यापारी ऐसे चिह्नित किए गए हैं जो रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। टर्नओवर के हिसाब से इस बार टैक्स जमा करने वाले 1029 व्यापारी अधिक हैं। फिर भी विभाग के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस बार छह प्रतिशत टैक्स कम मिला है।
जिले में समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारी बड़ी संख्या में टैक्स नहीं दे रहे हैं। ऐसे व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों से अपील है कि चाहे वह शून्य टैक्स भरें लेकिन उसका चालान अपने पास जरूर संभालकर रखें। - ओपी चौबे, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन, राज्यकर विभाग
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