अयोध्या में दंगे के 12 आरोपियों को कोर्ट ने किया दोष मुक्त, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ था बवाल 

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। विवेचक ने वर्ष 2012 में शाहगंज बाजार में हुए दंगे की इतनी लापरवाही पूर्वक विवेचना किया कि अभियोजन पक्ष अदालत में केस साबित नहीं कर पाया और कोर्ट ने दंगे के सभी बारह आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। फैसला अपर जिला जज प्रथम अशोक कुमार दुबे की अदालत से हुआ।
 
अभियुक्तों के अधिवक्ता प्रियनाथ सिंह, कृष्ण कुमार पांडेय तथा सौरभ मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2012 में शहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दंगा हुआ था।  इसकी आग ग्रामीण इलाकों में भी फैल गई। 23 अक्टूबर 2012 को इनायतनगर थाना क्षेत्र के शाहगंज बाजार में भी इसकी आग फैली और एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई।  इसकी रिपोर्ट मोहम्मद मारूफ निवासी मुकीमपुर पहाड़पुर मोहल्ला पील खाना ने थाना इनायत नगर में दर्ज कराई थी। उन्होंने रिपोर्ट में कहा था कि गांव के शकील व मिश्रीलाल में आपस का मनमुटाव था और इनमें 23 अक्टूबर 2012 को मारपीट भी हुई थी। सलीम कभी-कभी मेरे यहां आता था जिससे मिश्रीलाल रंजिश मानते थे। इसी रंजिश के कारण 25 अक्टूबर 2012 को जब मैं अपने खेत पर अपने पिता मोहम्मद उमर के साथ धान काट रहा था तभी हमारे गांव के गुरुजीत, राधेश्याम, राजू, राज कपूर निवासी शाहगंज ऋषि राम निवासी शाहगंज रमेश सोनी , डॉ रमेश , विजय कुमार गुप्ता, सोमप्रकाश निवासी पहाड़पुर मुकीमपुर संजय गुप्ता, आनंद सोनी गुरुदीन निवासी शाहगंज बाजार गुरुदेव निवासी मुकीमपुर पहाड़पुर लाठी डंडा से लैस होकर आए और रमेश सोनी के उकसाने पर लाठी डंडा तथा फरसा से मारने लगे। मैं मौका पाकर घर भाग गया। इस घटना को कई लोगों ने देखा। इस घटना में मोहम्मद उमर की मौत हो गई थी। 

इसकी विवेचना में पुलिस ने इस कदर लापरवाही किया कि पंचनामा के सभी गवाह फैजाबाद के थे लेकिन उनका पता सुल्तानपुर लिख दिया। पंचायत नामा में शरीर पर जो चोटें एक तीन तथा चार नंबर पर लिखी गई थी वह पोस्टमार्टम में नहीं मिली। घटना के दौरान जिले में कर्फ्यू लगा था इसलिए पोस्टमार्टम सुल्तानपुर में तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। पीएम रिपोर्ट में फेफड़ा सड़ा पाया गया और उससे  मवाद निकल रहा था। पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण नहीं पता चला। विसरा सुरक्षित किया गया जबकि विष दिए जाने का कोई केस नहीं था। अन्य खामियों के चलते कोर्ट ने सभी आरोपियों को हत्या तथा अन्य आरोप से दोष मुक्त कर दिया। दीपचंद निवासी शाहगंज किशोर अपचारी घोषित हो गया इसलिए उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।

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