रबड़ फैक्ट्री: ऑफिशियल लिक्विडेटर ने 1432 कर्मचारियों के दस्तावेजों को जांचा, HC को जल्द सौंपी जाएगी FR
जल्द लिक्विडेटर कर्मचारियों की देनदारी के संंबंध में फाइनल रिपोर्ट उच्च न्यायालय में सौंपेंगे
फोटो- ऑफिशियल लिक्विडेटर के कार्यालय से बाहर आते कर्मचारी नेता अशोक कुमार मिश्रा, अधिवक्ता अकबर निहाल रिजवी आदि।
बरेली, अमृत विचार: कारपोरेट कार्य मंत्रालय के ऑफिशियल लिक्विडेटर (आधिकारिक परिसमापक) बॉम्बे हाईकोर्ट के डिप्टी ऑफिशियल लिक्विडेटर के कार्यालय में सोमवार को रबड़ फैक्ट्री के 1432 कर्मचारियों के दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य पूरा हो गया। लिक्विडेटर ने एक-एक कर्मचारी के दस्तावेजों का ओरिजनल से मिलान किया।
सत्यापन की कार्यवाही करीब चार घंटे तक चली। शीघ्र लिक्विडेटर उच्च न्यायालय को कर्मचारियों की देनदारी के संबंध में अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेंगे। अब रबड़ फैक्ट्री की करीब 18 अरब कीमत की भूमि पर मालिकाना हक के संबंध में फैसला आने के बाद ही कर्मचारियों की देनदारी मिलनी शुरू होगी।
रबड़ फैक्ट्री की एसएंडसी कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक कुमार मिश्रा अधिवक्ता अकबर निहाल रिजवी, आरसी शर्मा, एससी निगम और अनुपम मजूमदार के साथ सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे आफिशियल लिक्विडेटर कार्यालय पहुंचे और 27 फरवरी को भेजे गए नोटिस का जवाब दिया। पुनः सभी मूल प्रपत्रों की जांच लिक्विडेटर की उपस्थिति में चार्टर्ड एकाउंटेंट राजे, मनोज और संतोष कदम ने की।
अशोक मिश्रा ने नोटिस में सेटलमेंट 1997 की ओरिजनल सत्यापित उप श्रमायुक्त बरेली की कापी सौंपी। लिक्विडेटर ने मजदूर संघ के नेता प्यारेलाल के न आने के संबंध में पूछा। तब उन्हें बताया कि तीन नोटिस जारी करने पर वह उपस्थित नहीं हुए।
अशोक मिश्रा ने लिक्विडेटर से कहा कि मजदूर हित में मामले को शीघ्र निस्तारण कर समाप्त करें। अंत में सभी मूल प्रपत्रों और रजिस्टर जांच के बाद यूनियन को वापस कर दिया। अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि बरेली आकर शीघ्र कर्मचारियों के साथ बैठक कर उन्हें जानकारी दी जाएगी।
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