लखनऊ: 20 हजार वेलनेस सेंटर, 750 पीएचसी और टीबी मरीजों की रिपोर्टिंग हुई प्रभावित, बैठक में यह हुआ फैसला
लखनऊ, अमृत विचार। 11 और 12 मार्च के दिन प्रदेश के 20,000 वेलनेस सेंटर और 750 अर्बन पीएचसी पर मरीजों का विवरण नाम मात्र ही ऑनलाइन हो सका है। लखनऊ में कुल 18 मरीजों का विवरण ही ऑनलाइन हो सका है। कुछ जिलों में यह संख्या 0 रही है। इतना ही नहीं प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में इन दो दिनों के भीतर टीबी मरीजों का विवरण भी ऑफलाइन ही रहा। एनएचएम के तहत तैनात कर्मचारियों ने मांगे न पूरी होने के चलते यह कदम उठाया है। मंगलवार को एक बार फिर बैठक कर कर्मचारियों ने आने वाले तीन दिनों तक इसी तरह कार्य करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि 17445 सीएचओ में से महज 4615 सीएचओ ने कार्य किया है।
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय ने बताया है कि 2016 से प्रतिवर्ष बजट आवंटित होने के बाद भी एनएचएम संविदा कार्मिकों की वेतन विसंगति नही दूर की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा 2016 से 3% प्रतिवर्ष अतिरिक्त बजट दिए जाने के बावजूद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कार्मिकों की आपसी वेतन विसंगत्ति दूर नही की गई है। वही मध्यप्रदेश, हरियाणा, बिहार राज्यो में इस बजट का उपयोग करते हुए वेतन नीति बनाए जाने के साथ संविदा कार्मिकों की वेतन विसंगति दूर की गई है।
उन्होंने बताया कि 12 से 22 फरवरी तक वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर प्रदेश भर से लगभग 12000 पत्र मुख्यमंत्री को संविदा कार्मिकों ने भेजा है। जिसका संज्ञान अभी तक नही लिया गया। जिसके कारण 11 व 12 मार्च को प्रदेश भर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा कार्मिकों ने आन लाइन कार्य न किए जाने का निर्णय लिया। इसी के तहत 11 और 12 मार्च को ऑनलाइन रिपोर्टिंग का कार्य लगभग 70 %से 75% तक ठप रहा जिसमे मुख्य रूप से e sanjivani पर आयुष्मानभव मंदिर पर आन लाइन परामर्श, टीबी कार्मिकों का विवरण निश्चय पोर्टल पर न अपलोड किया जाना, टीकाकरण का विवरण, व विभागीय रिपोर्ट ऑनलाइन नहीं किया गया।
यदि आगे शासन संविदा कार्मिकों की बात नहीं सुनता है तो आगे बड़े स्तर कार्यक्रम किए जायेंगे यदि आवश्यकता पड़ी तो मुख्यमंत्री,उपमुख्यमंत्री,मिशन निदेशक कार्यालय, एनेक्सी भवन पर संविदा कर्मी उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगे। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ की प्रदेश संयोजिका सुनैना अरोड़ा ने बताया कि यदि सरकार शासन हमारी बाते नही सुनती है तो हम और बड़े स्तर के आंदोलन के लिए तैयार है।
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया है कि अभी वर्तमान में हम अपनी बातों को बिना किसी कार्य को रोके हुए सांकेतिक रूप से विरोध कर रहे है, शासन को विषय की गंभीरता समझनी होगी।
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