Cyber Fraud: साइबर ठगों ने निकाला नया पैतरा...अब शेयर ट्रेडिंग के नाम पर बना रहे शिकार, अमीर बनने के झांसे में न फंसे

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक करोड़ से ज्यादा की ठगी

कानपुर, (गौरव श्रीवास्तव)। शहर में साइबर अपराधी रोज नए-नए तरीकों से किसी न किसी को शिकार बना रहे हैं। मजे की बात यह है कि साइबर ठगों ने अब पढ़े लिखे शेयर ट्रेडिंग करने वाले लोगों को ठगना शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर तगड़ा नेटवर्क फैला रखा है।

कमिश्नरेट के थानों में शेयर ट्रेडिंग के जरिए हाई रिटर्न का झांसा देकर एप डाउन लोड कराकर बीते सात दिन में सात लोगों से सवा करोड़ रुपये की ठगी की घटनाएं सामने आई हैं।   पीड़ितों की शिकायत पर साइबर सेल ठगों का  पता लगाने में जुटी है। 

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों ने ज्यादातर मामलों में एक जैसा तरीका अपनाया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए ठगी का जाल फैलाया गया। शिकार को व्हाट्सएप ग्रुप ‘गोल्डमैन सैक्स स्टॉक पुल’ से जोड़ा। इसे कुछ दिन देखने पर लगा कि लोग इसमें ट्रेडिंग ही करते हैं और एप सेबी से सर्टिफाइड है।

इसमें जुड़ने वाले सभी लोगों ने ग्रुप एडमिन से चैट की। एडमिन के कहने पर  लिंक शेयर करके धानिन 1 ए नामक एप डाउन लोड कराया गया। इस एप के जरिए ट्रेडिंग कराई गई। पहले छोटा अमाउंट निवेश कराकर  मुनाफे की रकम निकालने दी गई।

इसके बाद खाते को प्रीमियम बताकर शिकार से मोटी रकम निवेश कराई गई लेकिन रिफंड नहीं दिया गया, जबकि ट्रेडिंग एप अकाउंट के वॉलेट में निवेश से तीन या चार गुना रकम दिख रही थी।  

केस-1 :  

नवाबगंज के पीयूष मोहन से 31 लाख ठगे

नवाबगंज निवासी पीयूष मोहन से साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 31 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीयूष ने साइबर सेल को बताया कि उन्हें फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के जरिए शेयरों में निवेश के सुझाव देकर झांसे में लिया गया। ठगों ने दावा किया कि उनकी बताई गई कंपनियों के शेयर खरीदें ज्यादा मुनाफा होगा। वह तैयार हो गए तो साइबर ठगों ने उन्हें अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ लिया और फर्जी शेयर ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराया। पीयूष ने पहले पांच लाख लगाए तो उनकी रकम रातोंरात दोगुनी हो गई। इसके बाद उन्होंने कई बार में एप के जरिए 31 लाख 80 हजार रुपये निवेश कर दिया। पीयूष ने साइबर सेल को बताया कि मोबाइल पर तो उन्हें एप में लाखों की रकम दिखाई दे रही थी, लेकिन जब अपनी रकम को उन्होंने निकालने का प्रयास किया तो असफल रहे। इसके बाद उन्होंने ठगों के व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप पर शिकायत की तो ग्रुप से उन्हें रिमूव कर दिया गया। 

केस-2 : 

कृष्णा नगर की महिला से 23 लाख ठगे

चकेरी थानाक्षेत्र के कृष्णा नगर निवासी महिला से साइबर ठगों ने 23 लाख रुपये ठग लिए। महिला ने साइबर सेल को बताया कि उसे झांसे में लेकर फर्जी शेयर ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराया गया। इसके बाद निवेश कराकर पूरी रकम हड़प ली गई। वह सोशल मीडिया के जरिए शातिर ठगों के संपर्क में आई और अपने नजदीकियों से उधार लेकर रकम निवेश की थी। पहले उन्होंने थोड़ी रकम लगाई तो तगड़ा मुनाफा हुआ। इस पर धीरे-धीरे कर 23 लाख  लगा दिए। साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है।

केस-3 : 

लाजपत नगर के कारोबारी ने 51 लाख गंवाए

लाजपत नगर में रहने वाले कारोबारी पंकज मिश्रा ने साइबर सेल को बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए कौन सा शेयर खरीदें इसके सुझाव मिले। उन्होंने बताई गई कंपनियों के शेयर खरीदे, तो भारी उछाल देखने को मिला। र रातों-रात उन्होंने लाखों रुपये कमा लिए। इसके बाद साइबर ठगों ने उन्हें झांसे में लिया। उन्हें अपने व्हाट्सएप और ट्रेलीग्राम ग्रुप से जोड़ लिया। कुछ कंपनियों के शेयर में तेजी से उछाल की जानकारी दी। इस पर उन्होंने उन शेयर को खरीदने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे। इस पर ठगों ने कहा कि इसके लिए उन्हें कार्पोरेट अकाउंट खोलना पड़ेगा। उन्हें लिंक शेयर करके फर्जी शेयर ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराया गया। उन्होंने 51 लाख रुपये एप के जरिए शेयर में निवेश किया। एप पर उन्हें मुनाफा तो दिखने लगा, लेकिन रकम निकालने का प्रयास किया तो एप काम नहीं कर रहा था। संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप पर शिकायत दर्ज कराई तो ठगों ने उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया। 

अमीर बनने के झांसे में फंस रहे लोग

एडीसीपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि साइबर ठगों ने इस समय शेयर बाजार को अपना हथियार बनाया हुआ है। लोगों को रातों-रात करोड़ों रुपये मुनाफे का झांसा देकर जाल में फंसाते हैं। इसके बाद फर्जी शेयर ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाकर ठगी करते हैं। एक सप्ताह में सात बड़े मामले सामने आए हैं। इनमें एक करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई है। सभी मामलों में रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है। 

साइबर ठगों के खातों को फ्रीज कराया गया है। उनके खाते में करीब 3.50 करोड़ कैश जमा मिला है। ठगी के शिकार लोगों को उनकी पूरी रकम जल्द ही कोर्ट के आदेश पर बैंक से वापस करा दी जाएगी। मामले की गहन जांच कर कार्रवाई की जा रही है।- मनीष सोनकर, एडीसीपी अपराध

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