SP MLA Irfan Solanki: प्लॉट पर आगजनी मामले में फैसला आने को लेकर पुलिस अलर्ट...कल छावनी में तब्दील रहेगा कोर्ट परिसर

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में इरफान सोलंकी मामले में प्लॉट पर आगजनी मामले में फैसला आने को लेकर पुलिस अलर्ट

कानपुर, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी से सीसामऊ के विधायक इरफान सोलंकी की आने वाली दिनों में और मुसीबतें बढ़ सकती हैं। दरअसल जाजमऊ के डिफेंस कालोनी निवासी नजीर फातिमा के प्लॉट पर आगजनी और तोड़फोड़ करने के मामले में कोर्ट में 14 मार्च गुरुवार को फैसला आने की पूरी उम्मीद है। इसको लेकर किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था न बिगड़े इसको लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था कर ली है। कोर्ट छावनी में तब्दील रहेगा। फैसला आया तो विधायक और उनके सहयोगियों को अदालत में पेश किया जाएगा।  

डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार को फैसला आने की उम्मीद है। इसको लेकर भारी संख्या में फोर्स की तैनाती की जाएगी। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर भी रहेंगे। सभी की नामवार ड्यूटी बुधवार को पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को बता दी जाएगी। इस संबंध में अधिवक्ता शिवकांत दीक्षित ने बताया कि अभियोजन की तरफ से इस मामले में 18 गवाह पेश किए गए जबकि बचाव पक्ष की तरफ से तीन गवाह पेश किए गए हैं।

आठ नवंबर 2022 को डिफेंस कालोनी जाजमऊ निवासी नजीर फातिमा ने विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि नजीर फातिमा के घर पर आरोपी जबरन कब्जा करना चाहते हैं और इसी कड़ी में षड्यंत्र रचकर पूर्व में भी तीन हत्याएं करा चुके हैं।

सात नवंबर 2022 की रात आठ बजे नजीर फातिमा का परिवार शादी समारोह में गया हुआ था। उसी दौरान विधायक और उनके भाई ने नजीर फातिमा के घर में आग लगा दी। जिसमें उनके गृहस्थी का सारा सामान खाक हो गया था।

इस मामले में पुलिस ने पहले विधायक इरफान सोलंकी और रिजवान सोलंकी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बाद में इस मामले में तीन आरोपी हिस्ट्रीशीटर शौकत पहलवान, इजराइल आटावाला और मोहम्मद शरीफ के खिलाफ एक साथ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई। इसमें और सात आरोपी बाद में प्रकाश में आए जिनका ट्रायल जारी है। 

गेट पर ही पूछकर होगी इंट्री

गुरुवार को कोर्ट छावनी में तब्दील रहेगी। इसको लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। असल में रमजान माह साथ ही लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह का फैसला आना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। कोर्ट परिसर से पहले ही गेट पर बाहरी व्यक्ति को रोका जाएगा। साथ ही किसी को भी ऐसे इंट्री कतई नहीं दी जाएगी।

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