प्रयागराज: अमरमणि त्रिपाठी के मामले की सुनवाई आगामी 20 मार्च को
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण के एक मामले में पूर्व बसपा सांसद अमरमणि त्रिपाठी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वर्तमान मामले में याची ने अपना आपराधिक इतिहास का उल्लेख नहीं किया है, जबकि उसका 20 मामलों में एक लंबा आपराधिक इतिहास है। कोर्ट ने पूर्व में पारित अपने आदेश में ट्रायल कोर्ट को पूरी आर्डर शीट एक सील बंद लिफाफे में भेजने का निर्देश दिया था।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने ट्रायल कोर्ट द्वारा भेजी गई 17 दिसंबर 2022 से 29 फरवरी 2024 तक चलने वाले पूरे मामले की आर्डर शीट को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया। यह मामला न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की एकल पीठ के समक्ष चल रही है। मामले की अगली सुनवाई पर याची को अपना आपराधिक इतिहास के बारे में बताने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई आगामी 20 मार्च को सूचीबद्ध किया है। याचिका के अनुसार अपहरण के आरोप में 2002 में दर्ज हुए मामले में बस्ती की स्पेशल कोर्ट ने अमन मणि त्रिपाठी के खिलाफ गैर जमानती वारंटी जारी किया है। याचिका में स्पेशल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। याची का कहना है कि वह मूल केस अपहरण मामले में जमानत पर है। मूल केस के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के मामले में स्पेशल कोर्ट ने गलत तरीके से एनबीब्ल्यू जारी किया है।
इस मामले में याची का पहले अन्य अभियुक्तों के साथ ट्रायल चल रहा था और बाद में याची का केस अलग कर लिया गया। केस अलग होने के बाद पूरी ऑर्डर सीट उपलब्ध नहीं हो सकी। गत 6 दिसंबर 2001 को बस्ती में व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण कर लिया गया था। बस्ती पुलिस ने तत्कालीन मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित घर से राहुल को बरामद किया था।
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