बहराइच: जंगल में हो रही बाघों की मौत पर जताई चिंता, वन मंत्री को भेजा पत्र

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मौर्य परिषद के सदस्यों ने वन विभाग के शिथिल कार्य पर जताई नाराजगी

बहराइच, अमृत विचार। कतर्नियाघाट वन्य रेंज में लगातार हो रही बाघों की हत्या के खिलाफ प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद अखंड भारत जिलाध्यक्ष आशीष कुमार मौर्य के नेतृत्व में पर्यावरण एवं वन, प्राणी उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना को सम्बोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंप कर बाघ के मौत की उच्च स्तरीय जाँच करा करवाई करने की मांग की है।

जिलाध्यक्ष आशीष कुमार मौर्य नें बताया कि कतर्नियाघाट वन्य क्षेत्र में छह माह के अंदर तीन बाघों की हत्या की हो गयी। 11 मार्च 2024 को सुजौली वन रेंज में बाघ का शव मिला। इससे पहले 14 जनवरी को कतर्नियाघाट वन रेंज में चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज में उतराता बाघिन का शव मिला। तथा 30 सितंबर 2023 को बर्दिया गांव में घायल मिले बाघ की मौत हुई थी।

जबकि पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने के लिये बाघों का संरक्षण बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि बाघ जंगल में शाकाहारी जीवों को संतुलन करके पेड़ पौधों का रखवाली करता है। लेकिन दुःख की बात है की कतर्नियाघाट वन्य क्षेत्र में छह माह के अंदर तीन बाघों की हत्या हुई। इस तरह बाघों की हत्या पर सवालिया निशान खड़ा करता है। अगर इसी प्रकार लापरवाही से वन्य जीव की हत्या होती रही तो पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन गड़बड़ा जायेगा और शाकाहारी जीव वनस्पति की खपत बढ़ा देंगे।

इसके परिणामस्वरूप वन क्षेत्र का नुकसान होगा। मौर्य परिषद बाघों की हत्या की उच्च स्तरीय जाँच करा कर दोषी पाए जाने वालो पर कड़ी से कड़ी कार्यवाई करने की मांग की। इस मौके पर जिला महासचिव एडो.संजीव कुमार मौर्य, जिला सोशल मीडिया प्रभारी सर्वेश कुमार मौर्य,मिथलेश कुमार मौर्य, विनीत कुमार मौर्य, हर्षित, मनोज कुमार यादव आदि लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें:-बहराइच: अम्मा क्या हाल है, पेंशन मिलती है.., बुजुर्ग महिला को पैदल देख डीएम ने रुकवाई गाड़ी, घर तक छोड़ा

संबंधित समाचार