महत्वपूर्ण संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर ट्वीटर पर लगातार संदेश भेजकर लोगों से सावधानी बरतने और कोरोना की वैक्सीन आने तक संक्रमण को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कोरोना से जंग में यह वक्त सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह सही भी है, …
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर ट्वीटर पर लगातार संदेश भेजकर लोगों से सावधानी बरतने और कोरोना की वैक्सीन आने तक संक्रमण को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कोरोना से जंग में यह वक्त सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह सही भी है, क्योंकि अनलॉक-5 के चरण में तमाम तरह के प्रतिबंध अब हट रहे हैं। रेलवे ने नई ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी है तो स्कूल, महाविद्यालय खोलने की तैयारी भी चल रही है। सिनेमाघरों को भी अब खोला जा रहा है। यानी कोरोना को लेकर अब तक चले आ रहे तमाम प्रतिबंध करीब-करीब समाप्ति की ओर हैं। ऐसे में खुद के बचाव का एक मात्र रास्ता सावधानी बरतना है।
महत्वपूर्ण बात यह भी है कि हमारे देश में अब त्योहारी सीजन की शुरुआत भी हो रही है। धार्मिक स्थल पहले ही खुल चुके हैं। अब नवरात्र से एक तरह से त्योहारी सीजन की शुरुआत हो जाएगी। मगर इसके साथ ही लोगों को अब ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। वैसे भी विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना की दूसरी लहर का पहले ही अंदेशा जता चुका है। दिल्ली के लिए तो यह बात साफ तौर पर कही जा चुकी है, जबकि वहां स्थिति अभी नियंत्रण की तरफ बढ़ती दिख रही है। पिछले दिनों में जब स्थिति में थोड़ा नियंत्रण दिख रहा है और कोरोना संक्रमण के मामलों में थोड़ी बहुत कमी देखी जा रही है तो इसका मतलब यह नहीं कि कोरोना संक्रमण और तेजी से फैलने की आशंका खत्म हो चुकी है।
लिहाजा प्रधानमंत्री ने खुद एक अभियान की तरह ट्विटर पर गुरुवार को कोरोना से बचाव के लिए तमाम बातें लिखी हैं। उनका कहना था कि जब तक कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कोई टीका नहीं बन जाता, तब तक हर सावधानी बरतनी है। कोरोना को लेकर शुरुआत से ही जारी साफ-सफाई, मास्क, दो गज की दूरी समेत सभी नियमों का लोगों को गंभीरता से पालन करना होगा। एक तरफ कोरोना वैक्सीन को लेकर तमाम देश उत्साहित हैं तो यह भी सच है कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कोई उत्साहजनक कमी नहीं हुई है। लिहाजा सावधानी ही संक्रमण से बचाव का एक मात्र उपाय है।
अब चूंकि लाकडाउन के तमाम बंधनों से लोग मुक्त हो रहे हैं तो उन्हें खुद और समाज का ध्यान रखते हुए सावधानी जरूर बरतनी होगी। ऐसा नहीं होने पर अब तक सरकारों की ओर से किए गए सारी मेहनत पर पानी फिर सकता है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई लोगों द्वारा ही लड़ी जा रही है जिससे कोरोना योद्धाओं को मजबूती मिली है। लिहाजा इस लड़ाई को हमें अब और गंभीरता से लड़ने की जरूरत है।
