Bareilly News:मास्टर प्लान... रामपुर गार्डन और एकतानगर में व्यावसायिक गतिविधियां अब भी अवैध
बरेली, अमृत विचार। मास्टर प्लान- 2031 में 18 मीटर चौड़ी सड़कों के व्यावसायिक उपयोग की मंजूरी दे दिए जाने से तमाम लोगों की बांछे खिली हुई हैं लेकिन यह प्रावधान उन इलाकों पर लागू नहीं होगा जो पहले से आवासीय घोषित हैं।
इस लिहाज से रामपुर बाग और एकतानगर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां अब भी अवैध मानी जाएंगी। बीडीए इन दोनों कॉलोनियों के आवासों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा, न ही उनका नक्शा मंजूर करेगा।
मास्टर प्लान के मुताबिक 18 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे आवासीय जमीन का भी दोमंजिल तक व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इस प्रावधान का फायदा मिलने की सबसे ज्यादा रामपुर बाग और एकतानगर के वे लोग कर रहे थे जो वहां आवासों में शोरूम चला रहे हैं लेकिन अब साफ हुआ है कि चूंकि इन दोनों कॉलोनियों का लेआउट पहले से आवासीय श्रेणी में मंजूर है, इसलिए यहां यह प्रावधान लागू नहीं होगा। इससे स्पष्ट हो गया है कि भले ही इन दोनों कॉलोनियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर बीडीए रोक न लगाए लेकिन ये गतिविधियां अवैध होने की श्रेणी में ही रहेंगी।
बताया जा रहा है कि रामपुर बाग में विकास भवन की तरफ वाली सड़क का व्यावसायिक कामर्शियल उपयोग हो सकता है लेकिन उसके सामने वाला हिस्सा आवासीय श्रेणी का है और उसका व्यावसायिक उपयोग अवैध होगा। यहां सड़क किनारे कई आवासों को तोड़कर उनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इसी तरह प्रभा टॉकीज वाली सड़क पर भी व्यावसायिक गतिविधियां की जा सकती हैं लेकिन उसके सामने की रामपुर बाग की सड़क आवासीय श्रेणी की ही रहेगी।
एकता नगर में भी सड़क 18 मीटर चौड़ी है। यहां भी कई आवासों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। शापिंग मॉल, रेस्टोरेंट और चाट बाजार तक खुल गया है। शाम को सड़क का ज्यादातर हिस्सा वाहनों की पार्किंग के लिए इस्तेमाल होता है तो ट्रैफिक जाम तक होने लगता है। कॉलोनी में रहने वालों के लिए सिरदर्द पैदा हो जाता है। इसी रोड पर बीडीए के पूर्व उपाध्यक्ष के रिश्तेदार ने भी अपने आवास का निचला हिस्सा व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए किराए पर दे दिया है। कई और आवासों में किराए की दुकानें खुली हुई हैं।
नहीं हो सकता श्रेणी में बदलाव
बीडीए बोर्ड के सदस्य राजेश अग्रवाल के मुताबिक जिन कॉलोनियों का नक्शा आवासीय श्रेणी में पास हुआ था, उनके ले आउट में बदलाव नहीं हो सकता। बीडीए की अपनी कॉलोनियों के साथ उन कॉलोनियों में भी यह प्रावधान लागू नहीं होगा जो बीडीए से अप्रूव हैं।
यह जरूर है कि मास्टर प्लान में पिछली बार की तुलना में आवासीय क्षेत्र के लिए ज्यादा जगह दी गई है। झुमका तिराहे से इन्वर्टिस बाईपास अभी तैयार नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में काफी क्षेत्र आवासीय है। रिठौरा में भी बाईपास तैयार नहीं है लेकिन यहां भी आवासीय गतिविधियां बढ़ाने का प्रस्ताव है।
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