मुरादाबाद : वीरशाह हजारी में अंधाधुंध फायरिंग, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना...दबंगों पर रिपोर्ट दर्ज
मुरादाबाद। कटघर वीरशाह हजारी में अंधाधुंध फायरिंग कर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है। इस प्रकरण में पुलिस ने चार अभियुक्तों के विरुद्ध नामजद व अन्य कई अज्ञात के विरुद्ध जानलेवा हमला करने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज कर ली है। इसमें लाइनपार कृष्णा पब्लिक स्कूल के पास का सिंघम ठाकुर पुत्र विष्णु, हर्षित ठाकुर पुत्र निपेंद्र, लक्की ठाकुर पुत्र अनुज ठाकुर नामजद हैं, जबकि अन्य कई लोगों को अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ है।
वीरशाह हजारी मुहल्ले के निवासी सिद्धार्थ प्रताप सिंह ने पुलिस को बताया है कि रविवार शाम 7.15 बजे के दौरान बुद्धि बाजार से छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। घर के बाहर पहुंचने पर सिंघम ठाकुर उर्फ अनमोल, हर्षित ठाकुर, लक्की ठाकुर और उनके साथ अन्य कई लोग वहां पर पहले से मौजूद थे। आरोप है कि इन लोगों ने सिद्धार्थ प्रताप सिंह पर फायरिंग कर जानलेवा हमला कर दिया था। गनीमत रही कि सिद्धार्थ को गोली नहीं लगी और वह बच गए। फायरिंग की आवाज और शोरगुल होने पर मुहल्ले के कई लोगों को आता देख हमलावर जान से मार देने की धमकी देते हुए बाइकों से भाग निकले थे। इनमें एक बाइक का सिद्धार्थ ने नंबर भी नोट कर लिया था। जिसके संबंध में उन्होंने पुलिस को जानकारी दी है।
सिद्धार्थ ने बताया कि वह कोटक महेंद्रा के नेतृत्व में रिकवरी का काम करते हैं। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर के हैं। बड़े भाई तनिष्क प्रताप सिंह नगर निगम और पिता ज्ञानेंद्र कुमार सिंह रेलवे में ठेकेदारी करते हैं। इस मामले में कटघर थानाध्यक्ष तेजवीर सिंह ने बताया कि फायरिंग के मामले में पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की है। सीसीटीवी फुटेज जांच कर अन्य अज्ञात आरोपियों की भी पहचान की जा रही है।
तीन बाइक से थे हमलावर, दीवार में जा धंसी गोली
सिद्धार्थ प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी उनके घर के पास आकर उनके छोटे भाई वरुण प्रताप सिंह की तलाश में थे। तभी वह पहुंचे थे, तीन बाइकों पर सवार लोगों से भाई की तलाश का कारण पूछा तो एक आरोपी सिंघम ठाकुर ने उन पर तमंचा तान दिया तो सिद्धार्थ ने उसके हाथ को ऊपर उठा दिया। इसी दौरान सिंघम ठाकुर ने फायर कर दिया तो गोली उनके घर की दीवार में जा धंसी। इनके अन्य साथी भी गाली-गलौज के साथ ही फायरिंग करने लगे। जिस पर सिद्धार्थ ने अपना बचाव किया।
विवाद के समय ही मुहल्ले के रणधीर सिंह राठौर, ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार, दीपक कुमार व अन्य कई लोग आ गए। इन लोगों को देखकर हमलावर मौके से बाइक से भागे। फिर कुछ देर बाद पता चला कि आरोपी सिंघम ठाकुर उनके ही मुहल्ले में एक व्यक्ति के घर में गया है। सिद्धार्थ वहां भी पहुंचे तो सिंघम ने उसे तमंचा दिखाकर जान से मार देने की बात कही, जिस पर सिद्धार्थ ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और वह घर की तरफ लौटकर पुलिस को कॉल की और सीधे गुलाबबाड़ी पुलिस चौकी पर जाकर घटना बताई। पुलिस ने मौके पर आकर घटनाक्रम की प्रारंभिक जांच की है।
यह है हमले का कारण
पीड़ित पक्ष के सिद्धार्थ ने बताया कि 8-10 साल पहले उनका मुहल्ले के ही एक परिवार से विवाद हुआ था। जिसमें विरोधी पक्ष ने उनकी मां-भाई से मारपीट की थी। इसी बात को लेकर सिंघम ठाकुर ने अभी 13 मार्च को उनके छोटे भाई वरुण को फोन कर उससे गाली-गलौज की थी। यही नहीं, सिंघम ने उनके छोटे भाई वरुण की हत्या कर जेल जाने का संदेश इंस्टाग्राम पर डाल दिया था।
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