रायबरेली: झोपड़ी में लगी आग, दुधमुंहे बच्चे की जलकर मौत, सात वर्षीय नौनिहाल झुलसा

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Edited By Amrit Vichar
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खीरों/रायबरेली। खीरों क्षेत्र के गांव गनेशपुर मजरे जसमऊ में सोमवार की देर रात एक ईंट भट्ठा श्रमिक की झोपड़ी में आग लग गई। जिसकी चपेट में आकर उसके डेढ़ वर्षीय बेटे की जलकर दर्दनाक मौत हो गई और सात वर्षीय नौनिहाल गंभीर रूप से झुलस गया, जिसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। 

ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक बेटे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गनेशपुर मजरे जसमऊ निवासी शिव बोधन लोधी जम्मू कश्मीर के एक ईंट भट्ठे में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी रीना लोधी अपने बेटे आयुष (7) और आर्यन डेढ़ वर्ष के साथ घर पर रहती है। उसके पास कोई आवास ना होने के कारण वह एक छप्पर के नीचे गुजर बसर करती थी। 

सोमवार को देर रात उसका बेटा आयुष (7) और आर्यन डेढ़ वर्ष इसी छप्पर के नीचे सो रहे थे। मच्छर भगाने के लिए रीना लोधी ने इस छप्पर के नीचे धुआं सुलगाने के लिए आग जला दिया था। देर रात वह अपने दोनो सोते हुए बेटों को छोड़कर शौंच के लिए खेतों की तरफ चली गई। इसी बीच छप्पर में अचानक आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर उसका बेटा आर्यन और आयुष गंभीर रूप से झुलस गए। 

मौके पर जब तक ग्रामीण आग बुझाकर रीना के दोनों बेटों को बाहर निकालने का प्रयास करते, तब तक दुधमुंहे बच्चे आर्यन की मौत हो चुकी थी। जबकि आयुष गंभीर रूप से झुलस चुका था। ग्रामीणों ने एंबुलेंस की सहायता से झुलसे बेटे आयुष को सीएचसी खीरों पहुंचा, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया।

इधर ग्राम प्रधान सचिन मिश्रा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से शिव बोधन और उसकी पत्नी रीना का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जांच की जा रही है।

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