कुत्ता लेकर टहल रहा था कटा हाथ, नर्सिंग स्टाफ समेत कई लोगों की गई नौकरी, kgmu बोला- लापरवाही बर्दाश्त नहीं!

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मानव अंग को लेकर संवेदनहीनता सामने आने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसके तहत घटनास्थल पर तैनात दो गार्ड्स की सेवा पहले ही समाप्त की जा चुकी है। इसके अलावा कार्यदाई संस्था के माध्यम से तैनात एक स्टाफ नर्स को भी हटा दिया गया है। वही एजेंसी के सुपरवाइजर की सेवा भी समाप्त करने की बात बताई जा रही है।

दरअसल, बीते शुक्रवार को केजीएमयू परिसर में एक कुत्ता इंसान का कटा हाथ लेकर इधर-उधर घूम रहा था। जानकारी होने पर केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले में जांच शुरू की थी। शनिवार को इस मामले में केजीएमयू प्रशासन ने पूरी जानकारी दी। साथ ही लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की बात कही थी। 

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया है कि जांच के बाद इस मामले में तत्काल कार्यवाई करते हुए घटना स्थल पर तैनात आउटसोर्स गार्ड्स की सेवा प्रदाता एजेंसी को नोटिस जारी किया गया। 

zero tolerance की नीति के अंतर्गत कठोर कार्यवाई करते हुए घटनास्थल पर तैनात दोषी पाये गए दोनो गार्ड्स की सेवा समाप्त कर दी गई है। समस्त सुरक्षाकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए गए हैं कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो। 

इसके अलावा इस घटना की जाँच के लिए गठित समिति की संस्तुतियों पर उत्तरदायी, दोषी तीन कर्मचारियों (नर्सिंग स्टाफ एवं वार्ड ब्वाय) का स्थानांतरण किया गया है | बीएमडब्लू एजेंसी के सुपरवाईजर की सेवा समाप्त कर दी गई है, कार्यदायी संस्था के माध्यम से तैनात एक स्टाफ नर्स को तत्काल सेवा से मुक्त कर दिया गया है।

दरअसल, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का शुक्रवार को एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। जिसमें एक कुत्ता मानव अंग मुंह में दबाये भागता हुआ दिखाई पड़ रहा था। यह मानव अंग कटा हुआ हाथ बताया जा रहा था। इस फोटो के वायरल होते ही केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया। वहीं केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुये जांच के आदेश दिये हैं। जांच के बाद जो बात निकल कर सामने आई है। उसको लेकर केजीएमयू प्रशासन ने शनिवार को जानकारी साझा की है।

बताया जा रहा है कि यह कटा हुआ हाथ सुमित कुमार का था। सुमित हरदोई के निवासी हैं। आरी मशीन से उनका हाथ कट गया था, उस कटे हाथ के साथ मरीज को लेकर परिजन केजीएमयू के ट्रामा सेंटर आए थे। जहां पर प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर में मरीज की जांच कर बताया कि यह हाथ जोड़ा नहीं जा सकता। इसके बाद मरीज को अन्य इलाज के लिए ट्रामा सेंटर के प्रथम तल स्थित ट्रामा सर्जरी विभाग में भर्ती कर लिया गया।

परिजनों ने बताया कि उन्होंने कटा हुआ हाथ स्ट्रेचर से बांध रखा था। ट्रामा सर्जरी विभाग में भर्ती होने के बाद जब वह वापस कैजुअल्टी में आए तब उन्हें ना तो अपना स्ट्रेचर मिला और ना ही लाया गया अंग। उसके बाद वह अपने मरीज के इलाज में व्यस्त हो गए। कटे हुए अंग के गायब होने की सूचना उन्होंने किसी को नहीं दी। केजीएमयू प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि बीते शुक्रवार को जब कटा हुआ अंग मिला और उस पर सुमित कुमार लिखा दिखाई पड़ा, तब मरीज की जानकारी की गई। उससे बात करने पर सभी जानकारी मिली।

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