लखीमपुर खीरी: रेड डालो...चंदा पा लो मॉडल पर भाजपा ने की खुली लूट- संजीव पांडेय 

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जिला कांग्रेस कार्यासय पर प्रेस वार्ता में बोले कांग्रेस प्रदेश सचिव 

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव ने जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा की मोदी सरकार चंदा दो.. धंधा लो, रेड डालो..चंदा पा लो मॉडल  पर खुली लूट और उगाही की है।

प्रदेश सचिव संजीव पांडेय ने कहा कि इलेक्टोरल बांड सबसे बड़ा चुनावी चंदा घोटाला है l दो जनवरी 2018 से अधिसूचित इलेक्टोरल बॉन्ड योजना आजाद भारत में चुनावी चंदे की सबसे बड़ी भ्रष्ट योजना बन गई है। भाजपा ने सफेद तरीके से काला धन एकत्र करने की एक अपारदर्शी योजना बनाई है, जो सरकारी शक्त्ति के दुरूपयोग का एक नायाब नमूना बन गई है। 15 फरवरी 2024 को सर्वोच्च न्यायालय के पांच न्यायमूर्तियों की एक पीठ ने इस योजना को एक मत से असंवैधानिक करार देते हुए खारिज किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने शुरू से ही इस चंदे के काले धंधे का विरोध किया था। हमने बार-बार कहा कि यह योजना भाजपा सिर्फ अपने फायदे के लिए और चुनावी चंदे में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए ला रही है।सुप्रीम कोर्ट ने इस योजना को खारिज करने के बाद कांग्रेस पार्टी का मत सत्य साबित हुआ।

आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस योजना पर ताला लगाकर यह सिद्ध कर दिया कि भाजपा चोर दरवाजे से चंदे के धंधे का काला खेल कर रही थी। यही नहीं मोदी सरकार एसबीआई को कोर्ट के आदेश के बाद भी इलेक्टोलरल बांड से सम्बन्धित सूचना को साझा करने से रोक रही थी। सरकार सारी सूचना को आगामी 30 जून तक यानी चुनाव सम्पन्न होने तक छुपाने का प्रयत्न कर रही थी, लेकिन कोर्ट के दबाव के बाद जब एसबीआई को इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करनी पड़ी तो भाजपा की भ्रष्ट नीतियां उजागर हुई।

जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने कहा कि ऐसी कई कंपनियों के मामले हैं, जिन्होंने इलेक्टोरल बांड दान किया। उसके तुरंत बाद उन्हें सरकार से भारी लाभ प्राप्त हुआ। उदाहरण के तौर पर मेधा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा ने अप्रैल 2023 में 140 करोड़ डोनेट किया और ठीक एक महीने बाद उन्हें 14.400 करोड़ रुपए की ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट मिल गया।

इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई कंपनियों ने भारी मात्रा में चंदा दिया है। उसके बाद उन्हें प्रोजेक्टस मिले हैं। गुजरात के मोरबी का झूला ब्रिज इसका एक ज्वलंत उदाहरण है, जिसके टूटने से सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस दौरान जिला प्रवक्ता अमित गुप्ता, संजय गोस्वामी, रियाज अहमद मोनू, पंकज दीक्षित, पंकज शुक्ला, कोमल सिंह, रवि गोस्वामी आदि रहे।

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