जेएनयू छात्र संघ चुनाव में ‘पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग’ की जीत :अखिलेश यादव 

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में ‘पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग’ की जीत :अखिलेश यादव 

लखनऊ,अमृत विचार। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोगी संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की पराजय और अध्यक्ष पद पर दलित प्रत्याशी चुने जाने को पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) की सामूहिक जीत करार दिया है। यादव ने युवाओं को लोकसभा चुनाव में सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि ईवीएम पर नजर रखें और ‘‘जीत का सुबूत दिए जाने तक आराम न करें।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘युवा विरोधी भाजपा सभी युवाओं की एकजुट शक्ति’’ से हार जाएगी। जेएनयूएसयू ने लगभग तीन दशक बाद रविवार को अपना पहला दलित अध्यक्ष चुना जो वाम समर्थित समूह से है। 

संयुक्त वामपंथी पैनल ने रविवार को जेएनयूएसयू चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को सभी पदों पर शिकस्त दी। यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' लिखा, ‘‘पीडीए की एकजुटता ने जेएनयू छात्र संघ चुनाव में समेकित रूप से सभी महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल की है और भाजपा समर्थित एबीवीपी को भारी अंतर से बुरी तरह हराया है। दलित अध्यक्ष सहित सभी विजयी पदाधिकारियों और उन्हें चुनने वाले सजग, सतर्क मतदाता विद्यार्थियों को भी बहुत बधाई। जेएनयू की नकारात्मक छवि बनाने वालों को आगे भी यूँ ही हराते रहने एवं देशहित में सकारात्मक राजनीति का झंडा फहराते रहने के लिए शुभकामनाएं।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘जेएनयू के छात्रों की तरह देश भर के युवा आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा राज में फैली ‘अभूतपूर्व बेरोज़गारी’, पेपर लीक होने की वजह से कहीं ‘नौकरी न मिलने की हताशा’ और ‘चुनावी बॉण्ड’ के रूप में फैले भाजपा के ‘अथाह भ्रष्टाचार’ को हमेशा के लिए दूर करने के लिए, महंगी पढ़ाई एवं चतुर्दिक महंगाई से त्रस्त अपने परिवारों और आसपास के लोगों को भी भाजपा के खिलाफ मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे।’’ यादव ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘इस बार लोकसभा एवं अन्य चुनावों में युवा मतदान स्थल पर आख़िरी क्षण तक फ़र्ज़ी मतदान पर सजग निगाह रखने; ईवीएम के सीलबंद होने; ईवीएम रखने के स्थान तक मशीनों के सुरक्षित पहुंचने; ⁠ईवीएम के गोदामों पर 24 घंटे हर तरफ से चतुर्दिक चौकीदारी करने, किसी को ईवीएम गोदामों के आसपास फटकने न देने के लिए लामबंद रहने; ⁠मतगणना के दिन सक्रिय रहकर हर तरह से नज़र रखने व ⁠चुनाव परिणाम आने एवं जीत का प्रमाण पत्र न मिल जाने तक डटे रहने का काम करें।" उन्होंने कहा कि इस सजगता से ही ‘‘वोट की रक्षा’’ की जा सकती है और जनता के हित में सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं। 

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