Chitrakoot: गैर इरादतन हत्या में पिता-पुत्र समेत चार को मिली 10-10 साल कैद; कोर्ट ने दोषियों पर लगाया अर्थदंड

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट, अमृत विचार। गैर इरादतन हत्या में दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने चार लोगों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इनमें दो दोषी आपस में पिता-पुत्र हैं। 

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि कर्वी कोतवाली अंतर्गत बरमपुर निवासी रामचंद्र कुशवाह ने 28 फरवरी 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 फरवरी 2021 को सवेरे रास्ते को लेकर विवाद हुआ था। इसमें शिव प्रसाद ने अपने बेटे प्रकाश चंद्र और सहयोगियों सुरेश, रामलखन आदि के साथ लाठी,  डंडों, कुल्हाड़ी, हंसिया से हमला कर दिया। इसमें उसके साथ राजाराम, भूरी देवी, जियालाल उर्फ लाला भाई घायल हो गए थे। 

मारपीट में गंभीर घायल छोटे भाई जियालाल को वे लोग जिला अस्पताल ले गए थे, जहां से प्रयागराज रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान 26 फरवरी 2021 को उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसी मामले में दूसरे पक्ष के शिवप्रसाद ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह वह अपने खेत में पिलर कर रहा था। इस दौरान रामचंद्र व राजाराम आदि ने आकर उससे गालीगलौज की और लाठी-डंडों से पीटा। इस मामले में भी पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। 

बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने निर्णय सुनाया। दोषसिद्ध आरोपी शिव प्रसाद, उसके बेटे प्रकाश चंद्र के साथ सुरेश व रामलखन को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी। इनको कोर्ट ने अर्थदंड भी दिया है। कोर्ट ने दूसरे पक्ष के रामचंद्र व राजाराम को दो-दो वर्ष कारावास और छह-छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।

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