रुद्रपुर: पुलिस ने नेपाल-बंगाल में डाला डेरा, कनाडा एंबेसी से किया संपर्क
रुद्रपुर,अमृत विचार। नानकमत्ता डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम की हत्या के हत्यारों को दबोचने के लिए पुलिस की दस टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी है। आधुनिक और लोकल सूचना तंत्र को सक्रिय करने के बाद पुलिस ने जहां नेपाल व बंगाल में डेरा डाल दिया है। वहीं कनाडा एंबेसी से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
कारण पुलिस को आशंका है कि जिस प्रकार हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अचानक बाइक सवार हत्यारे भूमिगत हो गए। उससे साफ होता है कि कहीं हत्यारों ने भगाने के लिए खटीमा या फिर पीलीभीत के रास्ते नेपाल में प्रवेश किया होगा। उसी मार्ग से बंगाल या फिर कनाडा भागने की फिराक में होंगे। जिसकी एसएसपी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि 28 मार्च को बाबा तरसेम सिंह की हत्या सुबह छह बजे के करीब हुई थी और पुलिस को साढ़े छह बजे के करीब हत्याकांड की जानकारी मिली थी।
सुरागरसी और हत्याकांड की तह तक जाने के लिए पुलिस को करीब दो से ढाई घंटा लगा होगा और पुलिस ने सुबह साढ़े दस बजे के करीब हत्यारों की फोटो फुटेज जारी कर दी थी। ऐसे में जानकारों का मानना है कि बाबा के हत्यारे कभी भी भागने के लिए लंबा नहीं, बल्कि छोटा रास्ता अख्तियार करेंगे। यहां तक कि हत्यारे कभी भी हाईवे से भागने की कोशिश नहीं करेंगे।
जानकारों ने प्रबल संभावना जताई कि खटीमा से नेपाल जाने का रास्ता हो या फिर पीलीभीत से नेपाल में प्रवेश का मार्ग हत्यारों के लिए सबसे ज्यादा महफूज है, क्योंकि महज दो से ढाई घंटे के अंदर हत्यारे आसानी से गोपनीय रास्तों से नेपाल में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा नेपाल में छिपने या उसी रास्ते से बंगाल जाना भी बेहद आसान है।
वहीं नेपाल के रास्ते कनाडा जाना भी बेहद आसान है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए 83 अधिकारी-कर्मचारियों की बनाई गई दस टीमों में से चार टीमों ने बंगाल में डेरा डाल दिया है। वहीं नेपाल पुलिस के साथ मिलकर खोजबीन शुरू कर दी है। वहीं पांचवी टीम ने कनाडा एंबेसी से संपर्क साधकर हत्यारों के प्रवेश पर निगरानी शुरू कर दी है। इसके अलावा पांच टीमें लगाकर लोकल सूचना तंत्र के अलावा यूपी के कई जिलों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। जिसकी एसएसपी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
