लखनऊ ट्रिपल मर्डर: दो रात पत्नी व बच्चों के शव के पास सोया हत्यारोपी रामलगन, छोड़ने के लिए पैर पकड़ कर गिड़गिड़ाते रहे मासूम बच्चे
शवों को ठिकाने लगाने की फिराक में था, चहल-पहल से नहीं मिला मौका
लखनऊ, अमृत विचार। अवैध संबंध के शक में पत्नी व बच्चों की हत्या करने वाला रामलगन दो रात तीनों के शवों के साथ कमरे में सोता रहा। घटना के दूसरे दिन सुबह वह कमरे में ताला डाल कर काम पर भी गया था। वह मौका देख शवों को ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन लोगों की लगातार आवाजाही के कारण उसे मौका नहीं मिला। दुर्गंध आने से पुलिस पहुंची और जघन्य अपराध का खुलासा हो गया।
डीसीपी दक्षिणी तेज स्वरूप सिंह ने हत्याकांड का रविवार देर शाम खुलासा किया। उन्होंने बताया आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसमें सामने आया कि आरोपी ने 29 मार्च की रात तीनों की हत्या की थी। इसके बाद पत्नी का शव किचन के समीप फर्श पर और बच्चों के शव बोरी में भर कर कमरे में रखे थे।
घटना को अंजाम देने के बाद 30 मार्च को भी वह काम पर गया था। शाम को लौटने के बाद दूसरी रात भी तीनों शवों के साथ कमरे में सोया था। आरोपी का यह भी कहना था कि परिवार के साथ सोया है यह सोचकर उसे सकून लगता था। डीसीपी ने बताया मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

चार वर्ष पहले मुंबई से लौटा था
डीसीपी ने बताया करीब सात वर्ष पहले वह मुंबई में ज्योति से मिला था। वहीं पर उसने ज्योति से प्रेम विवाह किया था। मुंबई से चार साल पहले वह लौटा और सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के गौरी बाजार में किराये पर पत्नी और बच्चों के साथ रहा। रामलगन और गौरी के सभी परिजनों की पहले ही मौत हो चुकी है। रामलगन चार भाई थे, उसके तीन भाइयों की मौत हो चुकी है।
पत्नी की दुपट्टे व बच्चों की हाथों से गला दबा की हत्या
डीसीपी के मुताबिक पूछताछ में रामलगन ने बताया कि पत्नी ज्योति चिनहट निवासी युवक से अवैध संबंध थे। वह कई महीने उसके साथ रह कर आई थी। इसी वजह से उसने पहले पत्नी की साड़ी से गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद दोनों बच्चों की सोते समय हाथ से गला दबाया। बताया कि बच्चों द्वारा पत्नी की हत्या का राज खुलने का उसे डर था।
सोहरामऊ से किया गिरफ्तार
पुलिस को पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया राम लगन सुबह ही दरवाजा बंद कर कमरे से निकला है। मकान मालिक से मिले मोबाइल नंबर से उसकी लोकेशन ट्रेस की जो सोहरामऊ में मिली। वह रोजाना की तरह काम पर गया था। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया 28 मार्च को तीनों की हत्या की थी।
आरोपी के पैर पकड़ मां को छोड़ने गिड़गिड़ाते रहे मासूम
डीसीपी के मुताबिक आरोपी ने ज्योति का गला कसा तो चीख सुन दोनों बच्चे जाग गए। दोनों पिता के पैर पकड़ कर मां को छोड़ने के लिये गिड़गिड़ाते कर मिन्नतें करते रहे, लेकिन उसे तरस नहीं आया। उसने तो बच्चों को भी ठिकाने लगाने की साजिश रच ली थी।
साजिश के तहत किराये पर लिया था मकान
रामलगन ने सरवन नगर में किराये का मकान इसी घटना को अंजाम देने के लिये लिया था। इस मकान का ग्राउंड फ्लोर खाली है। ऊपर के कमरे में रामलगन परिवार के साथ रहता था। वहीं, पहले जिस घर में किराये पर रहता था उसको भी उसने खाली नहीं किया था। नए घर में आराम से वारदात अंजाम क्योंकि वहां कोई चीख पुकार सुनने वाला नहीं था।
बोरों से हाथ व सिर दिखा तब बच्चों की हत्या का पता चला
पुलिस का कहना है कि मकान मालिक ने खिड़की से कमरे में देखा तो सिर्फ ज्योति का शव दिखा। जब पुलिस ने कमरे का दरवाजा खोला तो पहले ज्योति का शव कब्जे में लिया। तभी पास में रखी दो बोरी पर नजर पड़ी। एक बोरे से हाथ व दूसरे से थोड़ा सा सिर बाहर दिख रहा था। बोरे खोले गए तो उनमें बच्चों के शव निकले।
मकान मालिक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज
बिजनौर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार राणा ने बताया मकान मालिक अमृत लाल की तहरीर पर रामलगन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट की है। बताया 28 मार्च को काम से लौटने पर उसे पता चला कि ज्योति ने बेटे आनंद की पिटाई की है। इससे वह नाराज हो गया। ज्योति के दूसरे युवक से भी संबंध थे। ऐसे में उसने ज्योति की हत्या की साजिश रची और 29 मार्च को तड़के तीनों की हत्या कर डाली।
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