पीलीभीत: बजट के बाद भी नगर पालिका कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन, बागी हुए सुर
पीलीभीत, अमृत विचार। होली पर बजट मिलने के बाद भी नगर पालिका कर्मचारियों का त्योहार फीका रह गया। उन्हें वेतन नहीं दिया गया। अब जब वेतन देने की बारी आई तो बायोमेट्रिक हाजिरी के चलते सभी कर्मचारियों के वेतन की कटौती की जा रही है। इसे लेकर कर्मचारियों के सुर बागी हो गए हैं। हालांकि कर्मचारी इस बात का खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। इतना जरुर है कि वह इस बात पर तैयार है कि अगर वेतन में कटौती हुई तो आंदोलन करेंगे। अफसरों ने कर्मचारियों को वेतन न कटने का आश्वासन दिया है।
नगर पालिका पीलीभीत में करीब 450 सरकारी और अस्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें कार्यालय में सफाई इंस्पेक्टर, बाबू लिपिक और अन्य मिलाकर 100 का स्टाफ है। सरकारी सफाई कर्मचारियों की संख्या 154 और आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की संख्या 196 हैं। जिन पर करीब पौने तीन करोड़ से अधिक का बजट खर्च होता है। मार्च माह के वेतन के पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर दो करोड़ 32 लाख 21 हजार 376 रुपये का बजट जारी किया था।
नगरपालिका चेयरमैन डॉ. आस्था अग्रवाल और ईओ लाल चंद भारती की ओर से अपने कर्मचारियों को होली के पर्व को देखते हुए 15 दिन का भुगतान देने के निर्देश दिए थे। मगर कर्मचारी इस बात पर तैयार नहीं हुए। उनका तर्क था कि अन्य जगह सभी को पूरा वेतन दिया गया है तो यहां आधा क्यों? इसलिए वेतन अधर में लटक गया था। अब जब वेतन देने का समय आया तो लगभग सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की चर्चाएं चल रही है।
नगरपालिका में सोमवार को कर्मचारियों में बागी सुर देखने को मिले। कुछ देर के लिए कर्मचारियों ने विरोध भी किया और वेतन कटौती को लेकर ईओ लाल चंद भारती से मुलाकात कर अपनी बात रखी। कर्मचारियों का कहना था कि पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक से हाजिरी नहीं लगाई जा रही है। अधिकतर कर्मचारियों का फील्ड वर्क का काम है। ऐसे में वह दो वक्त हाजिरी कैसे लगा सकते हैं।इस पर ईओ ने वेतन न कटने की बात कहकर उन्हें आश्वस्त किया।
वहीं, नगरपालिका चेयरमैन डॉ. आस्था अग्रवाल का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं की जा रही है। बायोमेट्रिक हाजिरी से पारदर्शिता बनी रहती है। इस यह साबित होता है कि कर्मचारी शहर में है और काम कर रहा है। किसी का शोषण नहीं किया जा रहा है।
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