हरदोई: गरीब बेटी की शादी के लिए बढ़ाया हाथ

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

हरदोई। कहते हैं...'टूट जाते हैं वो रिश्ते भी जो खास होते हैं, दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं जब पैसे पास होते हैं' लेकिन करीमनगर, झौनीपुरवा सिमौर, बढ़ैया, अमिरता, जमुही, बहादुर पुरवा और लीला पुरवा के अलावा दर्जनों गांवों में गरीबों के घर का नजारा कुछ और ही बयां कर रहा है।

मानवता को मिशन बना चुके योगराज सिंह के अमिरता फार्म हाउस पर मानवता और संवेदनशीलता दिखाई दे रही है। उन्हे सिर्फ और सिर्फ सुबह से शाम तक गरीबों की मदद करते हुए देखा जा सकता है। क्यों न कोई आर्थिक रूप से या बीमारी से परेशान हो, बेटी की शादी की उलझन हो या आपसी लड़ाई झगड़े का सुलह समझौता।

इन सबके बारे में जोगराज सिंह का कहना है कि गरीबों व असहायों की मदद करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। उनका कहना है कि हर साम‌र्थ्यवान व्यक्ति को गरीबों और असहायों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। जितना हो सके गरीबों की मदद करें। एक मुट्ठी मदद के बाद उन गरीबों के चेहरों पर दौड़ती खुशी देख जो सुख मिलेगा,उससे बड़ा कोई और सुख नहीं हो सकता।

पिहानी ही नहीं बल्कि आस-पास के ज़िलों मे अपनी अलग पहचान बना चुके जोगराज सिंह का कहना है कि ग़रीब-गुरबों की सेवा ही मानवता की सच्ची सेवा है। ऐसे नेक कार्य करने से दिल में सुकून महसूस होता है। उन्होंने सक्षम लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को असहायों के सहायता के लिए हाथ बढ़ाना चाहिए।

'जुग-जुग जियो जोगराज'की दुआए देते हुए रो पड़ा गरीब

अमिरता फार्म हाउस मे़ गुरुवार को जो नजर आया, उसे देख कर मानवता महक उठी। करीमनगर के राजेंद्र ने अपनी बेटी की शादी 22 अप्रैल को तय कर रखी है।मदद की उम्मीद के साथ वह लगभग 10 बजे अमिरता फार्म हाउस पहुंचा और आंखों में आंसू लिए एक कुर्सी पर सिमट कर बैठ गया। कुछ ही देर बाद जोगराज सिंह के फार्म हाउस से निकलता देख वह हाथ जोड़कर अपनी बेटी पिंकी की शादी मे मदद करने की बात कहता है।

बस इतनी सी बात में जोगराज सिंह सारा कुछ समझ गए। उन्होंने राजेंद्र को अपने गले लगा लिया और कहा कि वे चिंता न करें, अब। उसकी बेटी की शादी व स्वयं करेंगे। जोगराज सिंह ने राजेंद्र को उसकी बेटी की शादी के लिए तुरंत ही गेंहू-चावल की व्यवस्था करते हुए कहा कि अगर वह चाहे उनके ही मैरिज हाल ही शादी की व्यवस्था हो सकती है। जिसकी सारी व्यवस्था वे स्वयं देखेंगे।

जोगराज सिंह के कहते ही मदद की मुराद पूरी होती देख राजेंद्र की आंखों में चमक व चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई और जोगराज को जुग-जुग जियो की दुआएं देते हुए अपने घर चला गया। बताते चले इससे पहले भी जोगराज इसी तरह से कई गरीब बेटियों की शादी कर चुके हैं।



संबंधित समाचार