बसंत ऋतु: चाय, कॉफी, चटनी और अचार से बचना है जरूरी, मूत्र विकार में लाभकारी है गुड़, जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर
लखनऊ, अमृत विचार। बसंत ऋतु यानी की मार्च और अप्रैल का महीना। यह महीना ऋतु परिवर्तन का होता है। साथ ही इसी महीने से गर्मी की शुरुआत होती है। ऐसे में हमें अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। जब भी ऋतु परिवर्तन हो रहा हो, तो उसके अनुकूल ही खान-पान रखना चाहिए नहीं तो सेहत खराब हो सकती है। यह जानकारी डॉक्टर राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टर एसके. पांडेय ने दी है।
डॉ एस के पांडे बताते हैं कि इस मौसम में गुड़ का सेवन अवश्य करना चाहिए दूध के साथ यह हमें ऊर्जा देने के साथ-साथ मूत्र विकार से भी बचाता है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि इस मौसम में चटनी अचार चाय और कॉफी से सावधान रहना चाहिए। इसकी जगह पर ऐसे भोजन का प्रयोग करना चाहिए जिसमें पानी अधिक मात्रा में मिलता हो जैसे की सलाद, मट्ठा, जूस का प्रयोग बेहतर रहेगा।
व्रत को व्रत की तरह रहिए, स्वस्थ रहेगा शरीर
डॉक्टर एस के पांडे बताते हैं मौसम परिवर्तन के समय हमारे यहां व्रत की व्यवस्था है 9 तारीख से नवरात्र की शुरुआत हो रही है। मौसम परिवर्तन के समय व्रत का बड़ा महत्व बताया गया इसके पीछे का कारण पाचन तंत्र का धीमा होना है, इस मौसम में जठराग्नि मंद रहती है। इसकी वजह से जो भी भोजन करें वह सुपाच्य होना बहुत जरूरी है। सुपाच्य भोजन करेंगे तो शरीर में कोई विकार नहीं आएगा। व्रत के दौरान मौसमी फल जैसे खीरा,तरबूज आदि का प्रयोग स्वास्थ्यवर्धक होता है।
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