लखीमपुर-खीरी: बाघ ने छह घंटे में दो बार किया हमला, योग शिक्षक समेत तीन घायल
फोटो- हमले के बाद जमा हुई भीड़।
गोला गोकर्णनाथ, अमृत विचारः दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज के जंगल में बाघों की चहलकदमी लगातार देखी जा रही है। सड़क और खेतों में घूम रहे बाघ ने रविवार को छह घंटे के अंतराल में दो स्थानों पर लोगों पर हमला कर दहशत फैला दी। सुबह कुरैया गांव किनारे खेत में गन्ने की बुवाई कर रहे दो मजदूरों को घायल करने के बाद बाघ बांकेगंज-गोला सड़क पर एक निजी स्कूल के पास झाड़ियों में छिप गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में बाघ देखने के लिए भीड़ एकत्र हो गई। भीड़ के साथ पहुंचे योग शिक्षक और आरएसएस के नगर सह कार्यवाह शशिकांत दीक्षित भी बाघ के हमले से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी लाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जबकि एक घायल को लखनऊ भेजा गया है।
वन रेंज गोला और थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव कोरैया निवासी मनोज कुमार वर्मा (35) पुत्र गिरजाशंकर वर्मा अपने गांव के ही कमलेश (28) पुत्र नंदलाल के साथ खेत पर बुबाई के लिए गन्ने की छिलाई कर रहे थे। बताया जाता है कि बाघ ने कमलेश पर पीछे से हमला कर दिया। मनोज चीखे और बचाने की कोशिश की तो बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया, जिसमें दोनों गम्भीर घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से परिवारवलों को सूचना दी गई। परिजन ग्रामीणों की मदद से उन्हें सीएचसी ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल भेजा गया है। कमलेश की हालत में सुधार न होने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया है।
ग्रामीण बताते हैं कि पुलिस और वन विभाग की टीम बाघ को खदेड़ रही थी और बांकेगंज रोड पर दो स्थानों पर काफी भीड़ जमा थी। चिल्ड्रेन्स एकेडमी स्कूल के पास आरएसएस के सह नगर कार्यवाह शशिकांत दीक्षित (35) कहीं से आए और भीड़ में खड़े हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पीछे से हांका लगाकर बाघ को भगाया जा रहा था। बाघ ने एकाएक भीड़ पर हमला कर दिया। जिसमें आरएसएस के नगर सह कार्यवाह शशिकांत घायल हो गए। लोगों की मदद से ई रिक्शा पर उन्हें सीएचसी ले जाया गया। जहां से उन्हें भी जिला अस्पताल भेजा गया है।
वन विभाग ने लगाया पिंजड़ा, फिर हटाया
कोरैया के पास दो युवकों पर बाघ के हमले की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। भीड़ को देखकर बाघ गन्ने में छिप गया। वन कर्मियों ने बाघ को पकड़ने के लिए वहां पिंजरा लगा दिया, पर भीड़ कम नहीं हो रही थी। तब पुलिस और वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से हांका लगाकर बाघ को जंगल की तरफ खदेड़ने का प्रयास शुरू किया। तभी बांकेगंज रोड पार कर बाघ जंगल की ओर जाता दिखाई दिया।
कोरैया के पास पिंजड़ा लगाकर बाघ को पकड़ने की कोशिश की गई, पर भीड़ कम नहीं हो रही थी। भीड़ ने ही शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे बाघ भागा तो वह और उनकी टीम मॉनिटरिंग करते हुए चल रही थी। बाघ को जंगल में खदेड़ दिया गया है। उन्होंने भीड़ को रोकने के लिए पुलिस से मदद भी मांगी थी। दिन में बाघ को खदेड़ना खतरे से खाली नहीं होता है। इसीलिए उसकी निगरानी के लिए वनकर्मी तैनात कर दिए गए थे, ताकि उसे रात के समय जंगल में खदेड़ा जा सके और कोई घटना न हो---संजीव कुमार तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी गोला।
बाघ ने चार बकरियों पर किया हमला, तीन की मौत एक घायल
कुकरा-अमृत विचार वन रेंज गोला के अंतर्गत कुकरा गोला रोड पर ग्राम बलारपुर लोहिया पुल के निकट खेत में चर रहा बकरियों पर बाघा ने हमला कर तीन बकरियों को मौत के घाट उतार दिया, जबकि चौथी बकरी भी मरणासन्न है।
बलारपुर निवासी ठाकुर गौतम सिंह के ईंट भट्ठे के पास खेत मूड़ा निवासी आयशा पत्नी शमशाद अपनी बकरियों को चरा रही थीं। तभी अचानक से एक बाघ आ गया, देखते ही देखते बकरियों पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया, जिसमें तीन बकरियों को खेत पर ही मौत के घाट उतार दिया। एक बकरी गंभीर घायल हो गई।
आयशा ने अपनी बकरियांं सहित वहां से भागकर अपनी जान बचाकर बचाई। वन विभाग के अधिकारियों को सूचना के बाद भी मौके पर कोई वनकर्मी नहीं पहुंचा है, जिससे लोगों में भय है। तीन बकरियों की मौत से आयशा का रो-रो कर बुरा हाल है। बाघ के हुये हमले से दिन भर कुकरा गोला सड़क पर राहगीर नहीं निकले, जिससे सड़क पर सन्नाटे की स्थिति बनी रही।
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