Global Handwashing Day: कोरोना ने सिखाया हाथ धोना, अब गंभीरता से लेते हैं सभी लोग

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मुरादाबाद,अमृत विचार। भोजन से पहले हाथ धोना, शौच के बाद हाथ धोना। हाथ धोने से संबंधित इस तरह की चिकित्सकीय सलाह को शायद पहले हल्के में लिया जाता था। पर कोरोना काल ने लोगों को हाथों की सफाई पर गंभीर किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फोन कॉल द्वारा किए गए सर्वे में यह …

मुरादाबाद,अमृत विचार। भोजन से पहले हाथ धोना, शौच के बाद हाथ धोना। हाथ धोने से संबंधित इस तरह की चिकित्सकीय सलाह को शायद पहले हल्के में लिया जाता था। पर कोरोना काल ने लोगों को हाथों की सफाई पर गंभीर किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फोन कॉल द्वारा किए गए सर्वे में यह साबित हुआ है। 90 फीसदी लोग स्वच्छ हाथों को लेकर जागरूक पाए गए हैं। दस फीसदी लोगों को जागरूक कर हाथ धोने के महत्व को समझाया गया है।

ग्लोबल हैंड वाशिंग दिवस पर जिला अस्पताल के वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डा. वीरसिंह बताते हैं कि हाथों की नियमित सफाई से कई बीमारियों की शुरूआत को ही खत्म कर देते हैं। संक्रमण हाथों के जरिए मुंह और फिर पेट में जाता है तो नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। डायरिया, टायफाइड जैसी तमाम गंभीर बीमारियों की शुरूआत यहीं से होती है। बड़ों को तो इसपर गंभीर होना चाहिए, साथ ही बच्चों पर ध्यान देने की ज्यादा आवश्यकता है।

बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उन्हें बार बार हाथ लगाते हैं। बाहर खेलकर आते हैं तो पता नहीं होता है कि उन्होंने क्या क्या छुआ होगा। ऐसे में उनके खेलने के बाद से लेकर खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ किया जाना चाहिए। बार बार हाथ इसलिए भी धोना चाहिए, क्योंकि बच्चे अक्सर हाथों को मुंह, नाक और आंख से टच करते रहते हैं। इससे संक्रमण मौका मिलता है। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. डीके प्रेमी ने बताया कि कोविड काल में हाथ की सफाई के महत्व को लोगों ने समझा है। इसपर अमल कर रहे हैं। सर्वे में इस तरह के नतीजे अच्छे हैं। जो अभी इसपर गंभीर नहीं हैं, उन्हें ध्यान देना चाहिए।

ऐसे करें हाथ साफ
डा. वीर सिंह ने बताया दो मिनट तक साबुन से छह चरणों में हाथ धोना चाहिए | पहले सीधे हाथ पर साबुन लगाकर रगड़ना, उसके बाद उल्टे हाथ, इसके बाद नाखून, फिर अंगूठा, उसके बाद मुट्ठी तथा अंत में कलाई धोनी चाहिए। इस तरह हाथों को धोने से 90 प्रतिशत तक बीमारियों से बचा जा सकता है। संक्रमण से बचाव का बहुत छोटा पर प्रभावी कदम है।

गंदे हाथ दे सकते हैं ये बीमारी
डायरिया
दस्त
उल्टी
टायफाइड
पेट संबंधि रोग
आंख में संक्रमण
त्वचा रोग

एक नजर इन आंकड़ों पर भी

हैंड वॉशिंग की 2016 की वार्षिक रिपोर्ट
ग्रामीण क्षेत्र में
54 प्रतिशत आबादी शौचालय के बाद हाथ धोती है
13 प्रतिशत आबादी खाना बनाने से पहले हाथ धोती है
27 प्रतिशत बच्चे खाना खिलाने से पहले हाथ धोते हैं

शहरी क्षेत्र में
94 प्रतिशत लोग शौचालय के बाद हाथ धोते हैं
74 प्रतिशत खाना बनाने से पहले हाथ धोते हैं
79 प्रतिशत बच्चों को खाना खिलाने से पहले हाथ धोते हैं

कब कब बेहद जरूरी है हाथ धोना
शौच के बाद, खाना बनाने व खाने से पहले
मुंह व नाक और आंख को छूने से पहले व बाद में
खांसने व छींकने के बाद
साफ-सफाई के बाद
बीमार व्यक्ति से मिलकर आने के बाद
पालतू जानवर से खेलने के बाद

 

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