पाक की बेचारगी

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Edited By Amrit Vichar
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युद्ध के मोर्चे पर पाकिस्तान हमारे देश के सामने कहीं नहीं ठहरता, लिहाजा वह देश को अस्थिर करने के लिए आतंकवाद का सहारा लेता आया है। आतंकवाद में भी उसे भारत की तरफ से अब करारा जवाब मिलने लगा है। भारतीय सेना आतंकवादियों को उन्हीं के घर में ढेर कर आई। अब चूंकि अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी …

युद्ध के मोर्चे पर पाकिस्तान हमारे देश के सामने कहीं नहीं ठहरता, लिहाजा वह देश को अस्थिर करने के लिए आतंकवाद का सहारा लेता आया है। आतंकवाद में भी उसे भारत की तरफ से अब करारा जवाब मिलने लगा है। भारतीय सेना आतंकवादियों को उन्हीं के घर में ढेर कर आई। अब चूंकि अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में पाकिस्तान के पास कश्मीर घाटी को चर्चा में रखने का कोई बहाना नहीं मिल रहा है तो उसने भारत के खिलाफ इस मुद्दे पर झूठ बोलना शुरू कर दिया है। जाहिर है इसे नापाक पाकिस्तान की बेचारगी की कहा जाएगा।

इस बेचारगी को पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बयान से समझा जा सकता है। पाकिस्तान के एनएसए मोईद यूसुफ ने एक साक्षात्कार में कहा है कि भारत की ओर से दोनों देशों के बीच बातचीत की इच्छा जताई गई है। इस बारे में भारत की ओर से संदेश आया है। मगर जम्मू-कश्मीर को बातचीत के एजेंडे में शामिल किए जाने के बाद भारत अपनी बात से पीछे हट गया।

पाकिस्तान के इस झूठ को तुरंत ही सामने लाते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने साफ कर दिया कि भारत की ओर से ऐसा कोई भी संदेश पाकिस्तान को नहीं गया है। पाकिस्तान कश्मीर मामले को हमेशा ही सुर्खियों में रखना चाहता है। यूं भी उसके तमाम सारे झूठे दावों का संयुक्त राष्ट्र में भारत पहले खुलासा कर चुका है।

मगर पाकिस्तान अपनी झूठ बोलने की आदत से बाज नहीं आता है, इसीलिए कश्मीर का मामला उछालने के लिए उसे इतने बड़े झूठ का सहारा लेना पड़ा। उसकी कोशिश यह थी कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर यह संदेश जाए कि कश्मीर पर बातचीत भारत की मजबूरी है। दूसरी मजबूरी पाकिस्तान सरकार की खुद अपने ही देश में बेचारगी की भी है। पाकिस्तान के वर्तमान में जो हालात हैं और जिस तरह देश के लोग महंगाई के चलते भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं उससे पाकिस्तानी हुक्मरानों को देश के लोगों का ध्यान बंटाने के लिए कोई न कोई मुद्दा चाहिए। ऐसे में उसके पास कश्मीर की बात कर लोगों का ध्यान भटकाने का ही एक मात्र रास्ता बचता है।

पाकिस्तान में इमरान सरकार के खिलाफ आए दिन बड़े प्रदर्शन होते हैं। खुद के घरेलू संकटों से निपटने में नाकाम पाकिस्तान में केवल कश्मीर के नाम पर ही सरकारें चलती हैं। यह भी साफ है कि पाकिस्तान में परोक्ष रूप से सरकार पाकिस्तानी फौज के हाथों में रही है। पाकिस्तान और फौज, आईएसआई का सीधा संबंध आतंकवादियों से है। ऐसे में पाकिस्तान से शांति की कोई उम्मीद भी भला कैसे कर सकता है। पाकिस्तान की इस तरह की हरकतों का भारत के पास सही जवाब है और पाकिस्तान ऐसी हरकतों से भारत का तो कुछ नहीं बिगाड़ सकता, अलबत्ता उसके आए दिन होने वाले झूठ के खुलासों से अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में उसकी छवि क्या बन रही है, इसका अंदाजा उसे खुद ही लगाना होगा।