बिहार में पांच सीटों पर चौथे चरण में 13 मई को मतदान; गिरिराज, ललन सिंह व नित्यानंद की प्रतिष्ठा लगी दांव पर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

चुनाव डेस्क, अमृत विचार। बिहार में चौथे चरण में पांच लोकसभा सीटों मुंगेर, बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर और उजियारपुर में 13 मई को मतदान होगा। इस चरण में भाजपा के दिग्गज फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और जेडीयू नेता ललन सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। एनडीए के सामने यहां अपनी जीत दोहराने का दबाव है।   

बाहुबली तय कर रहे मुंगेर में जीत-हार की तस्वीर 

मुंगेर लोकसभा सीट से एनडीए की सहयोगी जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह दूसरी बार मैदान में हैं। ललन सिंह ने 2019 के चुनाव में बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को हराया था। आरजेडी ने इस सीट से बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी को मैदान में उतारा है। इस बार मुकाबला तगड़ा माना जा रहा है। लेकिन मोकामा के बाहुबली अनंत सिंह जेल से बाहर आने के बाद ललन सिंह को खुला समर्थन दे रहे हैं।

बेगूसराय में गिरिराज को चुनौती थोड़ी कठिन 
 
बेगूसराय लोकसभा सीट पर भाजपा के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह की इस बार सीधी टक्कर सीपीआई के अवधेश राय से है। पिछली बार इस सीट से सीपीआई से कन्हैया कुमार चुनाव लड़े थे, उन्हें गिरिराज सिंह ने चार लाख मतों से हराया था। आरजेडी तीसरे नंबर पर थी। इस सीट पर भूमिहारों का दबदबा है। लोकसभा क्षेत्र में 18 फीसदी भूमिहार, 14 फीसदी मुस्लिम और 10 फीसदी यादव हैं।

दरभंगा में जातीय समीकरण पर टिकी लड़ाई

दरभंगा लोकसभा सीट पर 15 सालों से भाजपा का कब्जा है। भाजपा ने इस बार इस सीट से मौजूदा सांसद गोपाल जी ठाकुर को मैदान में उतारा है। इंडिया गठबंधन की तरफ से आरजेडी ने ललित कुमार यादव पर दांव लगाया है। वह दरभंगा ग्रामीण से छह बार विधायक चुने जा चुके हैं।  2019 के चुनाव में गोपाल जी ठाकुर ने आरजेडी के अब्दुल बारी सिद्दीकी को बड़े अंतर से हराया था। इस बार यहां जातीय समीकरण की लड़ाई है। 

समस्तीपुर में मंत्रियों के बेटे और बेटी में टक्कर

समस्तीपुर लोकसभा सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी बीते दो चुनाव से जीत रही है। इस बार लोजपा टूट गई है। 2019 में लोजपा के रामचंद्र पासवान की जीत हुई थी। एनडीए के सहयोगी चिराग पासवान ने शांभवी चौधरी को यहां से उतारा है। शांभवी चौधरी मंत्री अशोक चौधरी की बेटी हैं। इंडिया गठबंधन की तरफ से कांग्रेस ने सन्नी हजारी को मौका दिया है। सन्नी हजारी जेडीयू मंत्री महेश्वर हजारी के बेटे हैं। इस तरह यहां नितीश के दो मंत्रियों के पुत्र-पुत्रियों में टक्कर है।  

उजियारपुर में अमित शाह बना गए हैं माहौल

भाजपा के लिए उजियारपुर लोकसभा सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न है। यहां गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की टक्कर राजद सुप्रीमो के करीबी पूर्व मंत्री आलोक मेहता से है। वह उन्हें जीत की हैट्रिक की चुनौती दे रहे हैं। साल 2009 में सीट अस्तित्व में आने के बाद से इस सीट पर एनडीए का कब्जा है। गृह मंत्री अमित शाह मतदाताओं से नित्यानंद राय को ‘महत्वपूर्ण पद’ देने की बात कहकर माहौल बना गए हैं। 2019 में नित्यानंद राय ने रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा को 2.71 लाख मतों से हराया था। 

यह भी पढ़ें- इस बार बहुमत के दरवाजे पर दस्तक: चौथे चरण की 96 सीटों में दबदबा, स्विंग और कांटे के संघर्ष वाला मिजाज ज्यादा

 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

CJP Protest: CJP का रुख बरकरार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ स्वीकार नहीं, जानें CJP के प्रदर्शन पर क्या बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार
लखनऊ में भोजपुरी अभिनेत्री ने दर्ज कराया साइबर फ्रॉड का केस, बेटी की AI से अश्लील वीडियो वायरल करने का आरोप 
हरदोई सड़क हादसा: तेज रफ्तार बनी जानलेवा, पेड़ से टकराई बाइक; किसान की दर्दनाक मौत
Parliament Monsoon Session Day 5: राज्यसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित, CJP से बातचीत के लिए कंस्टीट्यूशन क्लब पहुंचे जेपी नड्डा
गोमती नदी में उतरकर किसानों का अनोखा प्रदर्शन, 40 मिनट तक पानी में खड़े रहे; प्रशासन को सौंपा 108 सूत्रीय ज्ञापन