बाराबंकी : राम राज्य की परिकल्पना के लिये लल्लू सिंह व मोदी को करें वोट- योगी आदित्यनाथ
दरियाबाद, बाराबंकी: अमृत विचार। आप सौभाग्यशाली हैं कि आपने देश के ऐसे प्रतिनिधि को स्वीकार किया जो अयोध्या से नाता रखते हैं। आप कह सकते हैं कि आज अयोध्या में रामलला विराजमान हैं और उनको विराजमान कराने में हमारा भी योगदान है। अयोध्या से आप सभी मतदाताओं का गहरा नाता है। वोट की चोट की ताकत के बल पर गुलामी के ढांचे को मिटाकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करने में आपके मतों की बड़ी भूमिका रही है। इसी वोट ने हमें और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह ताकत दी, जिससे अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का सपना साकार हो सका। यह बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को फैजाबाद लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह के समर्थन में दरियाबाद विधानसभा के जेठौती कुर्मियान गांव में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि विदेशा आक्रांताओं ने एक नहीं कइयो बार हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ करते हुए अयोध्या में मंदिर को क्षतिग्रस्त करते हुए बाबरी के ढांचे का निर्माण किया। उन्होंने आगे कहा कि वोट की यह वही ताकत है जिसके सहारे गुलामी के ढांचे को हटाकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का रास्ता साफ हुआ है। आप सभी ने 22 जनवरी की तिथि को देखा होगा, जब अयोध्या में 500 वर्षों की गुलामी पर आम जनता ने विजय पाई। यह सब संभव आप सभी के भाजपा के साथ खड़े होने की वजह से ही हो सका। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से सवाल पूछते हुए कहा कि इनमें से कितने लोगों ने अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन किये। एक बड़ा समूह हाथ उठाते हुए बोल पड़ा हमने...।
मुख्यमंत्री योगी मुस्कुराते हुए आगे बोले कि आप सभी के राम मंदिर दर्शन से हमें और प्रधानमंत्री मोदी को बहुत सारी दुआएं मिलीं। उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों को ललकारते हुए कहा कि वह कौन लोग थे जिन्होंने रामलला को उकी ही जमीन से वंचित कर दिया। अयोध्या ने देश को सबसे बड़ी शासन व्यवस्था राम राज्य का उदाहरण प्रस्तुत किया है। 70 वर्षों तक राम जन्मभूमि को लेकर अयोध्या में राम को अपने लिये प्रमाण और साक्ष्य जुटाने की आवश्यकता पड़ी। यह परिस्थिति जिन लोगों ने पैदा की वह आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने से खुश नहीं हैं। इस समय देश में दो ही लोग हैं। एक राम भक्त और दूसरा राम द्रोही। राम भक्त उत्साह और उमंग से भरे हुए हैं। क्योंकि पांच सौ वर्षों के बाद उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के सपने को साकार होते हुए देखा है। वह गर्व से कह सकते हैं कि इसमें हमारा भी योगदान है। यह सपना ही साकार नहीं हुआ है बल्कि लोक के साथ हम सबका परलोक भी सुधरेगा।
मुख्यमंत्री ने विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वही लोग हैं जिन्होंने अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं। यह वही लोग हैं जिन्होंने राम जन्मभूमि पर आतंकी हमला करवाया। राम भक्तों पर गोलियां चलवाने के जिम्मेदार भी यही लोग हैं। राम भक्त और राष्ट्र भक्त देश और भारत के विकास, सुरक्षा, गरीबों आय, किसानों की खुशहाली और नौजवानों को रोजगार देने के लिये वचनबद्ध है। जबकि रामद्रोही आज भी पाकिस्तान का राग आलापते फिर रहे हैं। वह कहते हैं कि पाकिस्तान के पास एटम बम है। योगी ने ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान के पास एटम बम है, तो भारत के पास भी एटम बम है। यह वही देश विरोधी ताकतें हैं, जो एक तरफ एटम बम की धमकियों से भारत के दुशमनों का उत्साह बढ़ाते हैं और दूसरी तरफ राम मंदिर का विरोध कर भारत के करोडों-करोड़ों आस्थावानों को अपमानित करते हैं।
आपका एक वोट इतना महत्वपूर्ण है कि 2014 में जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। देश से गरीबी, भुखमरी और स्वास्थ्य जैसी तमाम समस्याएं खत्म हो गई हैं। जबकि उससे पहले देश में गरीबी, भुखमरी, नौजवानों का पलायन व समय समय पर कर्फ्यू लगता रहा। आपके ही वोट की ताकत है कि अयोध्या में एयरपोर्ट बन गया है। एयरपोर्ट जाने वाले रास्ते को रामपथ कर दिया गया है। वहां आने वाले दर्शनार्थियों के लिये खोले गए भोजनालय का नामकरण सबरी के नाम से किया गया है। क्योंकि वनवास के दौरान सबरी केझूठे बेर प्रेम वश भगवान ने खाये थे। अयोध्या में सिक्स लेन और फोर लेन सड़कें हो गई हैं। अयोध्या का चतुर्दिक विकास आपके संकल्प से ही पूरा हो सका है।
मुख्यमंत्री योगी ने एकबार फिर माफिया और अपराधियों को घेरते हुए कहा कि यहां उनका राम नाम सत्य ही होना लिखा है। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अगर राम राज्य की परिकल्पना को साकार करना है तो एक बार फिर से भाजपा को वोट कर लल्लू सिंह को दिल्ली भेजना होगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से कहा कि आपको ही मोदी, योगी और लल्लू सिंह का प्रतिनिधि बनकर गांव गांव जाकर लोगों को जागरुक करना होगा। उन्होंने मोदी सरकार की तमाम उपलब्धियां भी गिनाते हुए कहा कि दस करोड़ गरीबों को उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन, 12 करोड़ लोगों को सम्मान निधि, फ्री राशन, आयुष्मान का लाभ समेत तमाम योजनाओं की सौगात जनता को मोदी सरकार में दी जा रही है।
उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि यह जो दोनों लड़के हैं, इनका कहना है कि मिलकर लूटेंगे, हारेंगे तो टूटेंगे। कांग्रेस की मानसिकता है कि सरकार बनते ही अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति वर्ग के लोगों का आरक्षण खत्म कर दिया जाए। कांग्रेस और सपा कहती है कि सरकार आई तो अल्पसंख्यकों को गोमांस खाने की छूट देगी। उन्होंने कहा कि भारत का जनमानस गाय को माता मानता है। वह ऐसा नहीं होने देगा।
जातीय खांचे में बंटे हिंदू मतों का ध्रुवीकरण कर गये योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा में राम मंदिर, गोमांस, बाबरी विध्वंस और पाकिस्तान जैसे मुद्दे को आधार बनाकर उन हिंदू मतों को एकजुट करने की कोशिश की, जो जातीय खांचों में बंटे हुए थे। योगी का संबोधन जय श्रीराम के नारे से शुरू होकर जयश्री राम के नारे पर ही खत्म हुआ। उनका भाषण जनता को अतीत और वर्तमान पर विपक्षियों द्वारा राम मंदिर को लेकर, चाहे वह गोली चलनावे की बात रही हो या फिर विदेशी ताकतों के बहाने एक बड़े वोटबैंक के खिलाफ हिंदुओं को एकजुट होने का संदेश देना रहा हो। योगी का पूरा भाषण राम जन्मभूमि के वर्तमान और अतीत पर ही केंद्रित रहा। बीच में उन्होंने पाकिस्तान और गोमांस के बहाने भी विपक्षियों को घेरा और हिंदू मतों का ध्रुवीकरण भी करने से नहीं चूके।
पंडाल पड़ा छोटा पेड़ों की छांव का लिया सहारा
जनसभा में उमड़े जन सैलाब के चलते बनाया गया पंडाल छोटा पड़ गया। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पेड़ों और पास में खड़ी गाड़ियों पर चढ़कर सीएम योगी का भाषण सुना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा को संबोधित करने निर्धारित समय से करीब तीन घंटे विलंब से पहुंचे। लेकिन उसके बाद भी लोग जनसभा स्थल पर डटे रहे और बिना उनको सुने कोई वापस नहीं गया।
राज्यमंत्री ने ईरिक्शा पर बैठ किया जनसंपर्क
क्षेत्रीय विधायक व खाद्य एवं रसद व नागरिक आपूर्ति मंत्री सतीश चंद्र शर्मा की एक तस्वीर दिनभर चर्चा में रही। जिसमें वह ई-रिक्शा में पर बैठकर लोगो से जनसंपर्क करते दिखे। वह ई-रिक्शा पर बैठकर तमाम लोगों के पास पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में पहुंचने की अपील की। उनकी इस सादगी की चर्चा हमेशा की तरह लोगों की जुबान बनी रही। इसी का नतीजा रहा कि जनसभा में भारी जनसैलाब उमड़ा।
