Unnao News: अफसरों की उदासीनता की भेंट चढ़ गए बीते वर्ष रोपे गए पौधे...जंग लगा ताला कर रहा चुगली
जिले के प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में सदर तहसील परिसर में हुआ था पौधरोपण
उन्नाव, अमृत विचार। बीते वर्ष मानसूनी सीजन में समारोह आयोजित कर सदर तहसील परिसर में रोपे गए लगभग सभी पौधे नष्ट हो चुके हैं। हालांकि, तत्कालीन डीएम अपूर्वा दुबे व सीडीओ ऋषिराज ने लगने वाले पौधों को संरक्षण देने के लिहाज से स्थल चयन किया था। लेकिन, पौधों के प्रति न तो अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि संवेदनशील रहे। इससे पानी की उपलब्धता के बावजूद देखरेख के अभाव में ब्लाक नंबर-एक को छोड़कर ज्यादातर पौधों का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
बता दें शासन के निर्देश पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सदर तहसील परिसर में जिले के प्रभारी व परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की मौजूदगी में वृहद पौधरोपण हुआ था। मुख्य अतिथि सहित जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी नाम की पट्टिका वाले स्थान पर अलग-अलग पौध रोपित किए थे।
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सदर तहसील में पहले से बाउंड्रीवाल होने के बावजूद अफसरों ने पौधों को नष्ट होने से बचाने के लिए संबंधित भूभाग पर कटीले तारों की बाड़ भी लगवाई थी। साथ ही पौधों को पानी देने के लिए यहां ओवरहेड टैंक सहित नलकूप भी स्थापित है। इसके बाद भी यहां लगाए गए तमाम पौधे अधिकारियों की उदासीनता की भेंट चढ़ गए। हालांकि, पौधरोपण के बाद अफसरों ने देखरेख के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती का दावा किया था।
इसके बाद भी न तो पौधों को लगातार पानी दिया गया और न ही किसी ने नष्ट होने वाले पौधों की जगह नए पौधे लगवाने की जहमत उठाई। इससे संबंधित स्थान सूखा पड़ा है और तपती दोपहर में यहां धूल उड़ती रहती है। संबंधित पौधे वन विभाग ने उपलब्ध कराए थे। लेकिन, पौधरोपण प्रशासनिक स्तर से कराया गया था। इसलिए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी प्रशासनिक अफसरों की थी। इसीलिए पौधरोपण से पहले सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र पंचायत ने चयनित स्थल पर मनरेगा के माध्यम से पौध रोपण के लिए गड्ढे भी खुदवाए गए थे।
रिपोर्ट के आधार पर बदले जाएंगे पौधेः एसडीएम
एसडीएम सदर प्रज्ञा पांडेय ने बताया कि उन्होंने कुछ माह पहले ही कार्यभार ग्रहण किया है। इसके बावजूद वन विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। जिसके आधार पर आवश्यतानुसार नए पौधे लगवाए जाएंगे। साथ ही लगने वाले पौधों को संरक्षित भी किया जाएगा।
जंग लगा ताला कर रहा चुगली
वाटिका स्थल पर कटीली बाड़ के साथ लगवाए गए गेट पर लगा ताला पौधों की देखरेख के प्रति बरती जा रही उदासीनता साबित कर रहा है। ताले पर लगी जंग बताती है कि लंबे समय से ताला खोलकर किसी ने अंदर जाने की जहमत नहीं उठाई है। इसीलिए पानी न मिलने से जहां अधिकांश पौधे सूख चुके हैं। वहीं एक नंबर ब्लाक में लगे हरे दिख रहे पौधों के इस भीषण गर्मी में सूखने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
