पीलीभीत: अब बाइफरकेशन में लोगों के जमावड़े पर लग सकती है रोक, जानिए क्यों PTR प्रशासन बना रहा रणनीति?

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार: गर्मी के सीजन में अधिकांश लोग गर्मी से निजात पाने को बाइफरकेशन बैराज पहुंचते हैं। शाम को यहां वाहनों की कतार लगने के साथ पर्यटकों समेत स्थानीय लोग सैर-सपाटा करते देखे जा सकते हैं, लेकिन अब यहां ऐसा नहीं चल सकेगा। पीटीआर प्रशासन ने क्षेत्र को वन्यजीवों का क्रिटिकल हैबिटेट बताते हुए यहां वन्यजीवों के हमले की आशंका जताई है। इसको लेकर पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर ने हेड वर्क्स खंड बाइफरकेशन के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजा है।

कलीनगर तहसील क्षेत्र के बाइफरकेशन में चाहे गर्मी या फिर ठंड का मौसम लोगों का जमावाड़ा लगा रहता है। पीटीआर जाने वाले अधिकांश पर्यटक भी नहरों का जंक्शन कहे जाने वाले बाइफरकेशन में रुककर यहां की खूबसूरती को निहारने के लिए कुछ देर ठहरते जरुर है। ऐसे में यहां पर लोगों की भीड़ सी लगी रहती है। प्राय देखा गया है कि लोग बैराज के इधर-उधर नहाते, सेल्फी और फोटो लेते हुए नजर आते हैं। 

साथ ही इस बैराज के समीप दो दुकानें भी है। इससे भी लोगों की भीड़ यहां बनी रहती है, लेकिन अब यहां लोगों के लगने वाले जमावाड़ा पर रोक लग सकती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने वन क्षेत्र में स्थित इस बैराज में लोगों के डूबने और वन्यजीवों के हमले की आशंका जताते हुए हेड वर्क्स खंड बाइफरकेशन के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजा है। भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वल क्षेत्र स्थित बैराज पर वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। 

ऐसे में इस बैराज में लोगों के डूबने और वन्यजीवों के हमले की भी प्रबल संभावनाएं बनी रहती है। उन्होंने पत्र के माध्यम से अधिशासी अभियंता को कार्यरत कर्मचारियों को निर्देशित करने का आग्रह करते हुए कहा है कि कर्मचारी बाइफरकेशन बैराज पर आने वाले व्यक्तियों को वाहनों से न उतरने दें और न ही नहर या क्षेत्र में प्रवेश करने दें। सफारी वाहनों और पर्यटकों को न रुकने देने और संचालित की जा रही दुकानों पर भी आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही है। ताकि कोई भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और पर्यटन पर भी कोई प्रभाव न पड़े।

...तो इस वजह से लग सकती है रोक
पीलीभीत टाइगर रिजर्व आरक्षित वन है। बाइफरकेशन बैराज आरक्षित वन क्षेत्र के बीचोबीच स्थित है। डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह के मुताबिक यह क्षेत्र वन्यजीवों का क्रिटिकल हैबीटेट है। शाम या रात्रि में गश्त के दौरान इस बैराज से वन्यजीव एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आते जाते रहते हैं। बैराज पर लोगों की मौजूदगी भी रहती है। ऐसी स्थिति में वन्यजीवों के हमले द्वारा कोई भी मानव क्षति या घटना हो सकती है।

बाइफरकेशन बैराज आरक्षित वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। क्रिटिकल हैबीटेट होने के चलते वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। बैराज पर अकसर लोगों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में यहां वन्यजीव हमले की आशंका को देखते हुए हेड वर्क्स खंड बाइफरकेशन के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजा गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना से बचा जा सके- मनीष सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर

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