Bareilly News: वैवाहिक जीवन में प्रवेश से पहले कराएं थैलेसीमिया की जांच

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Edited By Amrit Vichar
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आईएमए ने थैलेसीमिया मरीजों के लिए निशुल्क जांच शिविर लगाया

बरेली, अमृत विचार। जिले में 233 थैलेसीमिया के मरीजों का इलाज चल रहा है। थैलेसीमिया से किस प्रकार बचाव और निदान हो, इसके लिए आईएमए ने बुधवार को गोष्ठी का आयोजन किया। इससे पहले आईएमए हाल में थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों के लिए निशुल्क जांच शिविर लगाया गया।

आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल ने बताया कि शिविर में कुल 80 बच्चों की जांच के साथ उपचार किया गया। इसके बाद हुई गोष्ठी में नोएडा के पीजीआई चाइल्ड अस्पताल की हेमेटो- ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नीता राधाकृष्णन ने कहा कि माता - पिता के थैलेसीमिया माइनर होने पर शिशु में थैलेसीमिया मेजर की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए वैवाहिक जीवन में प्रवेश करने से पहले थैलेसीमिया की जांच जरूर कराई जाए। साथ ही गर्भावस्था के तीसरे माह में जांच से शिशु में थैलेसीमिया की आशंका का पता चल सकता है।

डॉ. अनुज सिंह ने बताया कि जीवन भर ब्लड चढ़ाना कठिन इलाज है। वहीं बोन मैरो ट्रांसप्लांट से इस जटिल बीमारी से निजात मिल सकती है। आईएमए अध्यक्ष ने कहा कि हमारा लक्ष्य न केवल थैलेसीमिया का प्रभावी ढंग से निदान और उपचार करना है, बल्कि बोन मेरो प्रत्यारोपण जैसे संभावित इलाज के रास्ते भी तलाशना है। सचिव डॉ. गौरव गर्ग, कोषाध्यक्ष डॉ. निकुंज गोयल, कम्युनिटी सर्विस चेयरमैन डॉ. एसपी अग्रवाल, डॉ. अंजू उप्पल, डॉ. जे सरदाना, डाॅ. पारुल प्रिया, डॉ. अनूप आर्या आदि मौजूद रहे।

सरकारी अस्पताल में नहीं होगी दवाओं की किल्लत
शिविर के दौरान में जिला अस्पताल की एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने भी आईएमए के डॉक्टरों साथ बैठक कर आश्वासन दिया कि थैलेसीमिया के मरीजों के लिए दवाओं की जिला अस्पताल में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। जल्द थैलेसीमिया जांच सेंटर यहां स्थापित कराने की कवायद भी की जाएगी।

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