प्रयागराज : लोकसभा चुनाव के दौरान अधिवक्ता की पिटाई से नाराज हुए सपा कार्यकर्ता
पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह को हिरासत में लेने का किया था विरोध
प्रयागराज, अमृत विचार। शनिवार को लोकसभा चुनाव के करेली इलाके में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह को हिरासत में लिए जाने का जमकर विरोध किया था। उस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने एक कार्यकर्ता पर बर्बरता से लाठियां भाजी थी जिसको लेकर कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त रहा। सोमवार को कार्यकर्ताओ ने कमिश्नट्रेट में पहुंचकर घेराव करते हुए कार्रवाई की मांग की।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि अधिवक्ता रेहान अहमद पर करैली पुलिस द्वारा बर्बर लाठियां बरसाई है। 25 मई को मतदान के दौरान मतदाताओं को वोट डालने में करैली थाना पुलिस की तानाशाही साफ दिखाई दी है। पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह को करैली पुलिस द्वारा हिरासत में लेने कि खबर से आगबबूला हुए सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठियां भांजी गई। यह लोकतंत्र का मज़ाक़ है।
इण्डिया गठबंधन के प्रत्याशी उज्जवल रमण सिंह ने अधिवक्ता व पूर्व प्रदेश सचिव व सेक्टर प्रभारी रेहान अहमद पर बरसाई गई लाठियां और बर्बर निशान और गिरफ्तारी की घोर भर्तसना कि कहा करैली पुलिस ने हमारे कार्यकर्ता के साथ जिस प्रकार जानवरों वाला किरदार निभाया है उसका मुझे संज्ञान है। कहा यह करैली पुलिस का संविधान और कानून का खुला उलंघन है। महानगर मीडिया प्रभारी सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार पुलिसिया लाठी चार्ज से रेहान अहमद के हाथों पीठ व पैरों में नीले निशान पड़ गए हैं।
उनका न तो इलाज कराया गया न कोई दवाई ही खाने दी गई वह दर्द से कराहते रहे। शहर उत्तरी के विधान सभा चुनाव में प्रत्याशी रहे संदीप यादव की पहल पर नगर महासचिव रवीन्द्र यादव रवि एडवोकेट , इरशाद अहमद एडवोकेट ने प्रयास कर रेहान अहमद की रिहाई कराई।वहीं सपा नेताओं ने पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा पुलिस प्रशासन भाजपा के एजेंट के रुप में कार्य कर रहा था। लोगों का रुझान इण्डिया गठबंधन की ओर था तो हार की खीज में कुंवर रेवती रमण के समर्थन में आवाज़ बुलंद करने वाले अधिवक्ता रेहान अहमद को मौक़ा देख कर निशाना बनाया गया।
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