पंतनगर: अब मोबाइल से घर बैठे कीजिए दूरदराज खेतों की सिंचाई
पंतनगर, अमृत विचार। अब किसानों को सिंचाई के लिए खेतों पर रहकर रात-रात भर जागने की जरूरत नहीं होगी। वह घर बैठे अपने मोबाइल के जरिए खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। यह कारनामा यूके की एक कंपनी ने कर दिखाया है। भारत में यूके की इस कंपनी का कार्य देख रहे पंतनगर विवि के पूर्व छात्र हरिंदर सिंह ने बताया कि यह इरीगेशन आॅफ टेक्नोलाॅजी बेस्ड मशीन है, जिसको मोबाइल से संचालित किया जा सकता है।
हरिंदर ने बताया कि स्मार्ट सिंचाई तकनीक, बूंद-बूंद सिंचाई (ड्रिप इरीगेशन प˜ति) को आॅटोमेटिक करने में मदद करती है। यह मशीन खेत की मिट्टी की नमी को जांचकर उसमें आवश्यकतानुसार पानी की आपूर्ति करती है। इस मशीन को मोबाइल पर कनेक्ट कर लेने से किसान कहीं भी बैठकर मशीन को संचालित कर सकता है।
इसके अलावा यह मशीन रिमोट सेंसिंग के माध्यम से फसलों के रोगों और मृदा के स्वास्थ्य का अंदाजा लगाने में भी मदद करती है। इस मशीन की कीमत करीब ढाई लाख रूपये है। जिस पर उद्याान विभाग 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मैहैया करवा रहा है।
ऐसे काम करती है मशीन
इस तकनीक में मशीन को खेत के पास स्थापित कर सेंसरयुक्त इलेक्ट्रोड को खेत की मिट्टी में घुसा दिया जाता है। इसके बाद मशीन में मिट्टी की नमी की मात्रा सेट कर ट्यूबवेल के मोटर से कनेक्ट करना होता है। जैसे ही मिट्टी में नमी की मात्रा कम होती है, मशीन ट्यूबवेल का मोटर स्टार्ट कर देती है और सिंचाई प्रारंभ हो जाती है। जैसे ही मिट्टी में सेट निर्धारित नमी की मात्रा पूरी होती है, मशीन मोटर को बंद कर देती है।
किसानों का उत्थान एकमात्र लक्ष्य
जीबी पंत विवि से कृषि स्नातक हरिंदर ने बताया कि उन्होंने किसानों के उत्थान के लिए वर्ष 2020 में ट्रेड फार्मगुरू के सहयोग से रियैत ईकोफाम्र्स लिमिटेड नाम से स्टार्टअप शुरू किया था। कंपनी नानकमत्ता में एक ही छत के नीचे कई तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा रही है। यदि किसानों को मशीन का प्रदर्शन देखना हो या मशीन खरीदनी हो तो वह उनसे सितारगंज में संपर्क कर सकते हैं।
