पंतनगर: पूर्व कर्मी पर नियुक्ति के लिए गलत हथकंडे अपनाने का आरोप
पंतनगर, अमृत विचार। उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद् (बायोटेक) के कर्मियों ने वहीं के पूर्व कर्मी (सचिन गौनिया) पर बैकडोर नियुक्ति के लिए शासन-प्रशासन को भ्रमित करने सहित ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। जिससे कर्मचारियों का तो मानसिक उत्पीड़न हो ही रहा है, बायोटेक की छवि भी धूमिल हो रही है।
बायोटेक में उपनल कर्मी सचिन शर्मा व अनुज कुमार ने प्रेस को जारी विज्ञाप्ति में बताया कि मल्ला गोरखपुर हल्द्वानी निवासी सचिन गौनिया पुत्र होशियार सिंह गौनिया वर्ष 2018 से 2022 तक परियोजना के माध्यम से जेपीएफ के पद पर कार्यरत था। इसी दौरान बायोटेक में खाली पदों पर बैकडोर नियुक्ति के लिए गौनिया ने तत्कालीन मुख्यमंत्री को पत्र लिखा और अपनी राजनीतिक व शासन में पहुंच का फायदा उठाकर बायोटेक निदेशक को पत्र लिखवाकर नियुक्ति का दबाव बनाने लगे।
वर्ष 2022 में भी सांसद अजय भट्ट से पत्र लिखवाकर बायोटेक के निदेशक पर दबाव बनाया। बताया कि वर्ष 2021 में तत्कालीन निदेशक की ओर सेे खाली पदों पर उपनल के माध्यम से नियमानुसार नियुक्ति की प्रक्रिया की गई। इसमें सचिन भी नौकरी की चाहत रखता था। लेकिन उसकी नियुक्ति नहीं होने पर उसने खिन्न होकर आरटीआई लगाना शुरू किया। बायोटेक में कार्यरत एक कर्मचारी को सचिन ने नौकरी के लिए ब्लैकमेल किया और डराया।
उसने इस बावत निदेशक बायोटेक को भी लिखित अवगत कराया। कर्मचारी ने बताया कि सचिन बायोटेक में किसी भी स्तर पर नौकरी की चाहत रखता है, इसलिये उस कर्मचारी को बदनाम कर मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। जबकि परियोजना में कार्य के दौरान वर्ष 2018-2020 में सचिन ने बायोटेक में नौकरी के साथ देवस्थली विद्यापीठ रूद्रपुर से बीएड की नियमित डिग्री हासिल की है, जिसकी जांच भी बायोटेक में चल रही है।
होशियार सिंह गौनिया ने कुछ कर्मचारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में कुंमाऊं कमिश्नर की रिपोर्ट को लेकर वाद भी दायर किया है। कर्मचारियों ने बताया कि जांच में उनका पक्ष नहीं लिया गया। जो भी शिकायत उनके खिलाफ की गई, वह असत्य और गुमराह करने वाली है। उन कर्मचारियों की नियुक्ति बायोटेक का पदीय ढ़ांचा स्वीकृत होने से पूर्व नियमावली के अनुसार है।
