Kanpur: आसमान से बरस रही आग, तप रहा शहर, गर्मी में कमी के आसार नहीं, वैज्ञानिक बोले- ग्लोबल वार्मिंग ने बदला मौसम का पैटर्न

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। बदली के बावजूद गुरुवार को कानपुर नगर में पारा सामान्य से 4.2 डिग्री ऊपर 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बदली के चलते पारा बुधवार के मुकाबले कम रहा लेकिन उमस मुसीबत बनी रही। ऐसा ही कुछ हाल शुक्रवार का भी रहा। सुबह से ही गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी पैदा करती रहीं।

चौराहों पर लगे स्पीकर के माध्यम से राहगीरों को भीषण गर्मी से बचाव की जानकारी दी जाती रही। सुबह सात बजे ही तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। दो घंटे के भीतर ही पारा 5 डिग्री और ऊपर जा पहुंचा। सुबह 11 बजे पारा 39 के ऊपर पहुंच गया। लू के थपेड़े औसतन 5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चले।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग ने मौसम का पैटर्न बदल दिया है। हमारी रोजमर्रा की आदतें, पराली जलाने, दुनिया में चल रहे युद्ध ,व्हीकिल्स, एयरकंडीशन, ग्रीन हाउस गैस का बढ़ना, प्री मानसून की गतिविधियों का कम होना आदि ग्लोबल वार्मिंग का कारण बन रहे हैं।

बीते कुछ सालों में प्रकृति के साथ किए गए छेड़छाड़ का नतीजा देखने को मिल रहा है। ग्रीन हाउसेज गैसों के बढ़ने से एक्सट्रीम वेदर कंडीशन (चरम मौसमी घटनाएं) बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले पांच दिनों में हल्के बादल छाए रहने के आसार हैं किन्तु वर्षा की कोई संभावना नहीं हैं। दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं।

प्रदेश में अगले माह बरसेंगे बदरा

कानपुर मंडल में बारिश दो कारणों से होती है। पहला मानसून और दूसरा पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस)। उत्तर प्रदेश में मानसून आने में अभी एक महीने का समय है। दक्षिण पश्चिम मानसून ने केरल में बृहस्पतिवार को दस्तक दे दी है।

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