Bahraich court news :पत्नी के हत्यारोपी पति को दस वर्ष का सश्रम करावास, लगाया जुर्माना
बहराइच, अमृत विचार। पत्नी की दहेज हत्या के आरोप में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एफटीसी प्रथम की कोर्ट ने पति को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पति को सात हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है।
रूपईडीहा थाना क्षेत्र के सोरहिया गांव निवासी मिट्ठू लाल ने 16 दिसंबर 2018 को थाने पर तहरीर देकर कहा था कि उसकी 23 वर्षीय बेटी सुदामा का विवाह मई 2017 में थाना क्षेत्र के खैरहनिया गांव निवासी राजकुमार उर्फ पम्मन के साथ हिंदू रिति रिवाज के साथ किया गया था। पिता का आरोप था कि विवाह के बाद पति द्वारा अतिरिक्त दान-दहेज में मोटर साइकिल और बेड की मांग की जा रही थी। दहेज न मिलने के चलते राजकुमार द्वारा बेटी की हत्या कर दी गई है। पिता की तहरीर के आधार पर थाने की पुलिस ने पति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदम दर्ज कर विवेचना शुरू किया था। विवेचना अधिकारी ने मुकदमें में तीन जनवरी 2019 को आरोपपत्र सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था।
एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि पुलिस महानिदेश लखनऊ के निर्देशन में चलाए जा रहे आपरेशन कन्विक्शन के तहत त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष लोक अभियोजक गिरीशचंद्र शुक्ला व थाने के पैरोकार अरविंद चौरसिया की प्रभारी पैरवी के तहत शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एफटीसी प्रथम आनंद शुक्ला की कोर्ट पर मुकदामें में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियुक्त राजकुमार को दोषसिद्ध करते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त को सात हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थित में अभियुक्त को सात माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
