शाहजहांपुर: शातिर हिमांशु ने पड़ोसी को फंसाने के लिए रचा था अपहरण का नाटक
-पड़ोसी बब्लू ने उसके माता-पिता से की थी गाली-गजौज
शाहजहांपुर, अमृत विचार: बीएससी के छात्र हिमांशु ने अपने पड़ोसी को फंसाने के लिए अपहरण का झूठा नाटक रचा था। माता-पिता को गाली देने और हिमांशु को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने शनिवार को घटना का खुलासा कर दिया। अब हिमांशु के बयान सोमवार को कोर्ट में होंगे।
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव तेरा निवासी रविन्द्र कुमार ने 27 मई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 17 वर्षीय पुत्र हिमांशु का अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है। पुलिस ने अज्ञात में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी।
एसपी अशोक कुमार मीणा ने अपह्त की बरामदगी के लिए एसओजी, सर्विलांस टीम तथा सिंधौली पुलिस को लगाया था। प्रभारी निरीक्षक धमेंद्र कुमार को हरदोई जिले के लोनार थाने से सूचना मिली थी कि हिमांशू लोनार थाना क्षेत्र में सीएचसी पर भर्ती है। पुलिस टीम हरदोई जिले लोनार सीएचसी पर गयी और अपह्त हिमांशु को सकुशल बरामद किया।
पुलिस टीम उसे लेकर यहां आयी। पुलिस ने धारा 161 के बयान अंकित कराके वीडियो ग्राफी बनायी। प्रभारी निरीक्षक धमेंद्र कुमार ने बताया कि हिमांशु ने पूछने पर बताया कि उसके माता-पिता तथा उसकी लड़ाई एक माह पूर्व गांव के सर्वेश के बेटे आदित्य, बब्लू से गाय को लेकर मारपीट हो गयी थी। बब्लू ने उसके माता-पिता को गालियां दी थी। बब्लू ने हिमांशु को धमकी दी थी कि पड़ाई छुड़वाकर दुष्कर्म के झूठे मुकदमें जेल भिजवा देगे। उसके दोस्त शिवम पर भी झूठा आरोप लगाया था।
उसने बब्लू को अपहरण के झूठे मुकदमें फंसाने के लिए यह नाटक रचा था। प्रभारी निरीक्षक धमेंद्र कुमार ने बताया कि हिमांशू के बयान सोमवार को कोर्ट में होंगे। बरामद करने वाली टीम उप निरीक्षक बलराज सिंह, शिवम कुमार, प्रभात चौधरी, सचिन यादव, अजय कुमार थे।
कपड़ा फाड़कर स्वयं हाथ-पैर बांध लिए थे
हिमांशू ने पुलिस को बताया कि 27 मई को अपने घर से सिंधौली बैंक में आया था। उसने एसबीआई से अपने खाते से 3500 रुपये निकाले थे। वह सिंधौली से रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। वह ट्रेन पकड़कर दिल्ली चला गया। दो दिन दिल्ली और नोयडा स्टेशन पर रुका था। 29 मई को वह दिल्ली से अलीगढ़ चला गया। 30 मई को सुबह अलीगढ़ से फर्रुखाबाद आ गया था।
फर्रुखाबाद में रोडवेज बस अड्डे से एक किमी दूर हनुमान मंदिर पर रुका। 31 मई को सुबह हरदोई के लिए आ रहा था। हरदोई से 10 किमी पहले बस से उतर गया था। वह पैदल जा रहा था कि रास्ते में उसे सफेद कपड़ा सड़क पर मिला। हिमांशु ने कपड़ा फाड़कर अपने हाथ-पैर बांधकर लिए और पुलिया के पास सड़क के किनारे लेट गया। कुछ समय बाद पुलिस वाले आए और टैंपो में बैठाकर अस्पताल ले गए।
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