world bicycle day special: सिर्फ यातायात का साधन ही नहीं, बल्कि एक जरूरी एक्सरसाइज इक्विमेंट का प्रतीक है साइकिल

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Edited By Amrit Vichar
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साइकिल को देखकर हर किसी को अपना गुजारा हुआ बचपन एक बार को याद जरूर आ जाता है। आज भले ही व्हीकल्स की दुनिया में क्रांति हो चुकी है लेकिन साइकिल के फायदे हमारे लिए अब भी कम नहीं हुए हैं।बढ़ते प्रदूषण और बिगड़ती हेल्थ के कारण पूरी दुनिया एक बार फिर साइकिल की तरफ देख रही है।

साइकिल के प्रति महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यूएनओ की ओर से वर्ष 2024 में तीन जून को वल्र्ड साइकिल डे के रूप में मनाने की घोषणा की गई। विश्व साइकिल दिवस का उद्देश्य बेहतर मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए लोगों को साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहन करना है। जिससे दुनिया भर की संस्कृति में सस्टेनेबल डेबलपमेंट, हेल्थ बीमरियों से बचाव और एक दूसरे के प्रति आदर की भावना को बल मिल सके।


जानिए साइकिल का इतिहास

वर्ष 1990 तक साइकिल काफी लोकप्रिय थी, लेकिन इसके बाद दोपहिया वाहनों की उपलब्धता के कारण साइकिल का उपयोग में तेजी से कमी आने लगी। ऐसे में साइकिल के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक अमेरिकी प्रोफेसर को वल्र्ड साइकिल डे मनाने का विचार आया। उन्होंने वल्र्ड साइकिल डे का प्रस्ताव किया था। उन्होंने अपने छात्रों की मदद से इसे अभियान का प दिया। आगे चलकर यूएनओ की महासभा ने इसे मान्यता दे दी और पहली बार 2018 में तीन जून को वल्र्ड साइकिल डे मनाया गया।

आज भी हैं साइकिल के दीवाने
देश, धर्म और लिंग के भेदभाव से परे दुनिया में साइकिल डे मनाया जाता है। इस दिन लोग साइकिल चलाकर दूसरों को अवेयर करते हैं। आज साइकिल केवल यातायात का साधन ही नहीं बल्कि ये मानव जीवन में एक जरूरी एक्सरसाइज इक्विमेंट का प्रतीक बन चुका है। दुनिया भर में कई तरह की एक्टिविटी का आयोजन किया जाता है। जिसमें साइकिल ट्रिप्स का आयोजन किया जाता है।

जानिए साइक्लिंग के फायदे
साइकिल चलाने से वातावरण और इंसान दोनों को फायदा है। एक ओर जहां इससे प्रदूषण में कमी आती है। तो वहीं इंसान का फिजिकल और मेंटल हेल्थ बेहतर होता है। हर दिन आधा घंटा साइकिल चलाने से बाडी फिटनेस बढ़ती है और एक्स्ट्रा फैट से छुटकारा मिलता है।

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