हल्द्वानी: बनभूलपुरा उपद्रवियों की जमानत के आड़े आई पुलिस की चार्जशीट
हल्द्वानी, अमृत विचार। बनभूलपुरा हिंसा को चार माह पूरे होने वाले हैं, लेकिन मामले में पुलिस ने अभी तक अपनी चार्जशीट दाखिल नहीं की है। इधर, जमानत के लिए परेशान जेल में बंद आरोपियों के परिजन अदालत से जेल और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। कुछ दिन पहले ही जमानत का प्रयास करने वाले छह आरोपियों की जमानत याचिका कोर्ट ने ठुकरा दी थी और वजह थी पुलिस की चार्जशीट।
बनभूलपुरा स्थित कंपनी बाग (मलिक का बगीचा) में 8 फरवरी को तब हिंसा भड़की थी, जब नगर निगम की टीम पुलिस और प्रशासन के साथ अवैध अतिक्रमण ढहाने गई थी। नजूल भूमि पर बने अतिक्रमण को ढहाने से आक्रोशित भीड़ ने पुलिस, प्रशासन और नगर निगम कर्मी व अधिकारियों पर पथराव कर दिया था।
गोलियां चलाईं और दर्जनों वाहनों के साथ बनभूलपुरा थाने को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज हुए और 107 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। सभी आरोपियों पर यूएपीए लगाई गई, जिससे तीन माह तक आरोपियों की जमानत नहीं हो सकी।
अब मामले को चार माह होने वाले हैं और उपद्रवियों के परिजन जमानत को लेकर भाग-दौड़ करने लगे हैं। बताया जाता है कि आठ दिन पहले छह आरोपियों की जमानत याचिका लेकर न्यायालय पहुंचे, लेकिन अर्जी न्यायालय ने खारिज कर दी।
