बरेली: चोरी की भैंसें काटने के मामले में मारिया फ्रोजन फैक्ट्री को पुलिस का नोटिस

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Edited By Amrit Vichar
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तीन दिन में देना होगा सभी कर्मचारियों और फैक्ट्री में उनकी भूमिका का ब्योरा

बरेली, अमृत विचार: चुराई गई भैंसों को काटने के आरोप में फंसी मारिया फ्रोजन मीट फैक्ट्री के प्रबंधन को रविवार को फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा है। आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस फैक्ट्री और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच करेगी। पुलिस फरार हुए तीनों आरोपियों की तलाश में भी लगातार दबिश दे रही है। उधर, आईजी ने भी एसएसपी को चोरी की भैंसें कटवाने के मामले में फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की जांच का आदेश दे दिया है।

फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने बृहस्पतिवार रात भैंस चोर गिरोह के नफीस, आदिल और आकाश समेत तीन लोगों गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से एक भैस, एक पड्डा, 12 बोर की एक पौनिया और कारतूस, एक पिकअप, एक टेंपो बरामद किया गया था। तीन लोग फरार हो गए थे। पुलिस के मुताबिक नफीस ने पूछताछ में बताया कि वह मारिया मीट फैक्ट्री का कर्मचारी है और चोरी की गई भैंसों को इसी फैक्ट्री में ले जाकर हाथ के हाथ कटवा देता है। उसने यह भी बताया था कि उसका गिरोह पांच सौ से ज्यादा भैंसे चोरी कर चुका है। फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने रविवार को फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन में आरोपों पर जवाब मांगा है।

थाना प्रभारी मदनमोहन चतुर्वेदी ने बताया कि नोटिस में फैक्ट्री प्रबंधन को फैक्ट्री में काम करने वालों के पूरे ब्योरे के साथ उनकी भूमिका का भी विवरण देने को कहा गया है। जवाब आने के बाद पुलिस कार्रवाई तेज करेगी। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान को सौंपी है। एसएसपी किसी अधिकारी से यह जांच कराकर आईजी को रिपोर्ट सौंपेंगे।

कॉल डिटेल से पता चलेंगी फैक्ट्री के आसपास की गिरोह की गतिविधियां
भैंस चोर गिरोह के फरार हुए सदस्य जुनैद और इमरान समेत तीनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं। इस बीच पुलिस गिरोह के गिरफ्तार और फरार सदस्यों की कॉल डिटेल निकलवा रही है ताकि पता किया जा सके कि मारिया फ्रोजन फैक्ट्री के आसपास उनकी कब-कब मौजूदगी रही है।

चोरी की भैंस कटवाने वाले गिरोह और इसमें फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की जांच एसएसपी को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राकेश सिंह, आईजी रेंज बरेली

तीन महीने पहले सभी कर्मचारियों की लिस्ट थाना कैंट और एलआईयू कार्यालय को दी थी। इस लिस्ट में गिरफ्तार आरोपी का नाम नहीं था। उसका फैक्ट्री से कोई लेनादेना नहीं है। - ईशान खान, मैनेजर मारिया ग्रुप

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