पाकिस्तान की अदालत ने विरोध मार्च के दौरान तोड़फोड़ करने के दो मामलों में इमरान खान को किया बरी 

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Edited By Amrit Vichar
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं को मार्च 2022 में विरोध मार्च के दौरान तोड़फोड़ करने से जुड़े मामलों में सोमवार को बरी कर दिया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 71 वर्षीय संस्थापक मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद से पिछले साल अगस्त से जेल में हैं। 

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के मुताबिक, इस्लामाबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने इमरान खान, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, पूर्व संचार मंत्री मुराद सईद और पीटीआई के अन्य नेताओं को ‘हकीकी आज़ादी’ मार्च के दौरान तोड़फोड़ करने के दो मामलों में बरी कर दिया। मई 2022 में खान ने शहबाज़ शरीफ की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार को गिराने के लिए लाहौर से इस्लामाबाद की तरफ एक मार्च शुरू किया था। 

खान के अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद शरीफ के नेतृत्व में यह सरकार बनी थी। यह रैली पीटीआई के "हकीकी आज़ादी’ (वास्तविक स्वतंत्रता) हासिल करने और राष्ट्र को "अमेरिका समर्थित" गठबंधन सरकार की "गुलामी" से मुक्त कराने के संघर्ष का हिस्सा थी। उस समय इस्लामाबाद पुलिस ने संघीय राजधानी में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर खान, कुरैशी और पार्टी के अन्य नेताओं सहित 150 लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। इस महीने की शुरुआत में, इस्लामाबाद के एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खान को 2022 में उनकी पार्टी के दो ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान तोड़फोड़ के दो मामलों में बरी कर दिया था। 

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