सपा ने अंबेडकर नगर सीट पर दर्ज की ऐतिहासिक जीत
एक तरफा मुकाबले में सपा प्रत्याशी लाल जी वर्मा ने भाजपा प्रत्याशी रितेश पांडे को 136870 मतों से हराया
अंबेडकरनगर, अमृत विचार। अंबेडकर नगर संसदीय सीट पर कभी हाथी के पीलवन रहे लालजी वर्मा ने साइकिल की सवारी करते हुए 5 लाख 44 हजार 959 मत पाकर बसपा के किले को धराशाई कर दिया है। वहीं बसपा के किले को धराशाई करने लिए पिछले 2019 के आम चुनाव में अंबेडकर नगर लोकसभा सीट से हाथी के पीलवन बने रितेश पांडे भी इस बार भाजपा के टिकट पर चुनावी रणक्षेत्र में खड़े होकर जी तोड़ मेहनत कर रहे थे। जो 4 लाख 7 हजार 712 मत पा करे दूसरे स्थान रहे। जबकि बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी कमर हयात 1 लाख 99 हजार 449 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
मंगलवार सुबह मतगणना शुरू होने के बाद से ही सपा प्रत्याशी लालजी वर्मा ने भाजपा प्रत्याशी रितेश पांडे से हजारों की बढ़त बना ली थी। जो दोपहर तक चली मतगणना के बाद एक लाख से अधिक बढ़त के रूप में तब्दील हो गई थी। पूरे मतगणना के दौरान भाजपा इस सीट पर संघर्ष करती हुई नजर आई।
इस सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल जी वर्मा ने एक तरफा मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी रितेश पांडे को 1 लाख 37 हजार 247 मतों से पराजित किया। समाजवादी पार्टी की एक तरफा जीत से जहां सपा कार्यालय एवं सपा के वरिष्ठ नेताओं के आवास पर खुशी मनाने के लिए सपा कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।वहीं भाजपा की करारी शिख्शत से भाजपा कार्यालय एवं भाजपा नेताओं के आवास सन्नाटा छाया रहा।
पिछड़े वर्ग के मतों पर सपा की मजबूत पकड़
मुस्लिम मतों ने जहां बसपा को नुक़सान पहुंचाया,वहीं पिछड़े वर्ग के मतो पर बनी सपा की मजबूत पकड़ ने इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी की लुटिया को डुबो दिया। बहुजन समाज पार्टी ने अपना किला बचाने के लिए अंबेडकर नगर सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी को उतार कर मुस्लिम व दलित मतों के सहारे इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने की रणनीति बनाई थी। लेकिन मुस्लिम मतों का रुझान समाजवादी पार्टी में होने के कारण बहुजन समाज पार्टी को सिर्फ 199449 ही मत मिले। जो दलितो के मत बताए जा रहे।
वहीं स्वजातीय मतों के साथअन्य पिछड़े वर्ग के मत पर समाजवादी पार्टी ने अपनी मजबूत पकड़ बनाने में सफल रही इसका नतीजा रहा कि यहा पर भाजपा की भी स्थित डवाडोल रही।और सपा ने यह सीट 137247 मतों के भारी अंतर से जीत कर 2022 के विधानसभा चुनाव वाला वर्चस्व कायम रखा।
दलितों का बसपा से नहीं हुआ मोहभंग
कयास लगाए जा रहे थे कि इस चुनाव में इस सीट पर बसपा की लड़ाई से बाहर होने पर दलित मतो मे बिखराव होगा। जिसका फायदा भाजपा को मिलेगा। लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद बसपा को दो लाख के करीब मत प्राप्त हुए। जो अभी भी बसपा के मजबूत वोट बैंक की तरफ इशारा करते हैं।
मंचों से किया जा रहे गांव की बात करें तो जनपद में कुल चार लाख से अधिक दलित मतदाता है। दलित मतदाताओं में धोबी पासी साहित अन्य कई उपजातियां के मतदाता भी आते हैं। जबकि 2024 के चुनाव में मतदान परिषद 62% के करीब रहा। जिसमें बसपा को 199449 के करीब मत प्राप्त हुए हैं।
