मुरादाबाद : 16 साल पहले मर चुकी महिला को जीवित दिखा कराया बैनामा, अधिवक्ता समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
फर्जीवाड़ा : नई दिल्ली की महिला ने 2003 में रामगंगा विहार कॉलोनी में खरीदा था प्लाट, घपला-घोटाले में अधिवक्ता समेत पांच लोगों के विरुद्ध नामजद एफआईआर
मुरादाबाद,अमृत विचार। जो महिला 16 साल पहले मर चुकी है, भला वह किसी को कोई वस्तु कैसे बिक्री कर सकती है....। लेकिन, ऐसा ही हुआ है। यहां रामगंगा विहार में एक प्लाट को मर चुकी महिला ने दूसरे को बैनामा ही नहीं करा दिया बल्कि उप निबंधक के सामने मौजूद होकर साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। फिलहाल, इस फर्जीवाड़े में आरोपी महिला समेत सात के विरुद्ध सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी व अन्य आरोपाें के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। यह एफआईआर नई दिल्ली निवासी डॉ. अतुल अरोड़ा ने दर्ज कराई है।
डॉ. अतुल अरोड़ा ने पुलिस को बताया है कि वह नई दिल्ली में एम-46 ग्राउंड फ्लोर चितरंजन के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि उनके पिता डॉ. जगदीश लाल अरोड़ा ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) में रामगंगा विहार द्वितीय योजना के तहत एमआईजी भूखंड संख्या-सी. 12जेड प्रथम श्रेणी का बैनामा कराया था। इस भूखंड का बैनामा 29 मार्च 2003 को उनकी मां राजरानी अरोड़ा के नाम से हुआ था। राजरानी सरायतरीन की निवासी थीं।
डॉ. अतुल अरोड़ा का कहना है कि उनकी मां का 13 दिसंबर 2008 को स्वर्गवास हो गया था। पहले भी उनके भूखंड पर कुछ लोगों ने कब्जा करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए थे। चूंकि, वह दिल्ली में रहते हैं, इसलिए मुरादाबाद में आना-जाना कम रहता है। वैसे उन्होंने भूखंड को बेचने के लिए कुछ लोगों से संपर्क किया था। लेकिन, संपर्कियों में से एक ने डॉ. अतुल बताया कि जिस संपत्ति को बेचना चाहते हैं, वह आपकी नहीं है। उसने उन्हें व्हाट्सएप पर एक अन्य बैनामा की प्रति भेजी।
ये संबंधित बैनामा 20 मई 2024 की तिथि का है। जिस पर विक्रेता के तौर पर उनकी मां राजरानी अरोड़ा का नाम अंकित है, उनकी फोटो भी लगी है। क्रेता के रूप में महेंद्र सिंह पुत्र भोलू सिंह नाम बैनामा पर लिखा है। क्रेता उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले का रहने वाला है। वादी डॉ. अतुल अरोड़ा का आरोप है कि इस कथित बैनामा प्रपत्र में अधिवक्ता विजेंद्र पाल की सलाह पर महावीर प्रसाद टाइप राइटर लिखा है। गवाह के रूप में शेरुआ धर्मपुर निवासी बाबूराम पुत्र राम सिंह और रामसराय तहसील कांठ निवासी अमरीक सिंह पुत्र तेज सिंह का नाम अंकित है। बैनामा पर इनके निशानी अंगूठा भी लगे हैं।
डॉ. अतुल अरोड़ा का आरोप है कि आरोपियों ने उनकी मां राजरानी की जगह पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर भूखंड का कथित बैनामा कराया है। बैनामा पर उनकी मां राजरानी के नाम हस्ताक्षर भी प्रदर्शित हैं। आरोप है कि फर्जीवाड़ा करने वाले महेंद्र सिंह, बाबूराम, अमरीक सिंह संबंधित भूखंड पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में सिविल लाइन थानाध्यक्ष राम प्रसाद शर्मा ने बताया कि प्रकरण में डॉ. अतुल अरोड़ा की तरफ से डीएम के निर्देश पर आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें उधम सिंह नगर के रामनगर वैन जसपुर के महेंद्र सिंह और अधिवक्ता विजेंद्र पाल, टाइप राइटर महावीर प्रसाद, बाबूराम, अमरीक सिंह नामजद हैं। इसमें एक अज्ञात महिला भी शामिल है। जिसकी पहचान की जा रही है।
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