हरदोई के फुकहा गांव में भीषण अग्निकांड, आग से जले 37 घर, 12 मवेशी जलकर मरे-लाखों का नुकसान
हरदोई/टड़ियावां, अमृत विचार। देर रात आई आंधी में आग की चिंगारी ऐसी भड़की कि देखते ही देखते तमाम घर धूं-धूं कर जलने लगे। आग ने टड़ियावां के फुकहा गांव में सारी रात तांडव मचाया। आग से 12 मवेशी मरे और कई झुलस गए। दमकल की दो गाड़ियों ने करीब तीन घंटे तक जूझते हुए किसी तरह से आग पर काबू पाया। इस हादसे में लाखो रुपयो का नुकसान होना बताया जा रहा है।
जैसा कि बताया गया है कि बुधवार की देर रात आई आंधी के दौरान फुकहा गांव के राधाकृष्ण के घर से आग की चिंगारी ऐसी भड़की कि उसने एक के बाद एक कर 37 घरों को अपनी ज़द में लेते हुए उन्हे जला कर राख कर दिया। राधाकृष्ण के घर से भड़की आग सुधीर और उसके चचेरे भाई पकंज के घर पहुंची और उसके छप्पर के नीचे बंधी 12 बकरियां जल कर मर गई। उसके बाद संजय,चंदू,रामभरोसे,मंशाराम,राम शंकर, राजेन्द्र और ईश्वरदीन समेत 37 घरों को जला कर राख कर दिया। इसका पता होते ही वहां पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने करीब तीन घंटे जूझते हुए आग पर काबू पाया।हादसे में कई और मवेशी झुलस गए। साथ ही लाखो रुपयों का नुकसान होना बताया गया है।
बाइक से पहुंची पुलिस टीम
आंधी से फुकहा गांव के रास्ते पर कई पेड़ सड़क पर गिर पड़े। आग लगने की खबर सुनते ही टड़ियावां पुलिस फुकहा के लिए रवाना हुई,लेकिन सड़क पर पेड़ो के गिरने से आगे का रास्ता बंद हो गया, ऐसे में पुलिस टीम बाइक से फुकहा गांव पहुंची और वहां मदद में जुट गई।
पोस्टमार्टम के बाद दफन किए गए मवेशी
पशु चिकित्साधिकारी डा.डीके गुप्ता अपनी टीम के साथ फुकहा पहुंचे और वहां आग से जल कर मरने वाले मवेशियों का पोस्टमार्टम किया। उसके बाद उन्हे वहीं ज़मीन में दफन किया गया।
सिंघम के अंदाज में दिखे एसएचओ
फुकहा गांव में आग लगने की खबर सुनते ही एसएचओ अशोक कुमार सिंह एक्शन में आए और सरकारी जीप से वहां के लिए रवाना हुए,लेकिन रास्ता बंद होने से उन्होंनें तुरंत बाइक मांगी और उसी से फुकहा पहुंचे। लोगों का कहना है कि एसएचओ को देख कर उन्हे सिंघम की याद आ गई,बिल्कुल उसी तरह बचाव कार्य में जुट गए और तब तक जुटे रहे,जब तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पा लिया गया।
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