प्रयागराज: बढ़ते पारे ने बिजली के ट्रांसफार्मरों को किया गर्म, बाधित हो सकती है गंगापार की बिजली आपूर्ति

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Edited By Amrit Vichar
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झूंसी/प्रयागराज, अमृत विचार। जून माह के प्रथम सप्ताह में पड़ रही बेतहाशा गर्मी ने लोगों को बेचैन कर रखा है। सुबह से ही तापमान इतना बढ़ जा रहा है कि लोग तड़प जा रहे हैं। अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो गंगापार के आधे से ज्यादा हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है। कारण हनुमानगंज के 132 केवी उपकेंद्र पर लगे 63-63, 10 और 8 एमवीए के ट्रांसफार्मरों का वाइंडिंग टेंपरेचर 55 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचा तो ट्रांसफार्मरों पर आफत आ सकती है।

इन दिनों तापमान 45 डिग्री के पार हो गया है। इससे बिजलीकर्मियों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। हनुमानगंज स्थित बिजली उपकेंद्र में पंखों और कूलर से टेंपरेचर कंट्रोल करने की कवायद चल रही है। हालांकि अफसरों का कहना है कि अब 63 एमवीए के ट्रांसफार्मरों के भीतर ही पंखे लगे रहते हैं। इससे ट्रांसफर्मरों के फुंकने की संभावना कम रहती है। गर्मी का पारा बढऩे के साथ ही बड़े बिजली घरों पर लगे ट्रांसफार्मरों का टेंपरेचर भी हाई होने लगा है। इस स्थिति मेंं उपकेंद्र में लगे रिले सिग्नल बता देते हैं कि ट्रांफार्मर का पारा चढ़ रहा है। ऐसे में अगर तुरंत बिजली नहीं काटी जाए तो ट्रांसफार्मर भी जल सकता है। इस स्थिति में सप्लाई रोक कर फिर से टेंपरेचर को डाउन करने के लिए एग्जास्ट पंखों से हवा दी जाती है। घंटों हवा से ठंडा करने के बाद सप्लाई शुरू हो पाती है। हनुमानंगज के हबुसा मोड़ 132 केवी उपकेंद्र से सैदाबाद, फूलपुर, मलावां, झूंसी, कोटवां, त्रिवेणीपुरम, बलरामपुर, सैदाबाद के बजहां-मिश्रान उपकेंद्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है। यहां के बिजली घर में 63-63 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। इसके अलावां आठ और दस एमवीए के भी दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसको ठंडा करने के लिए एग्जास्ट पंखों और कूलर का सहयोग लिया जा रहा है। हालांकि मध्य दोपहरी में कूलर और पंखे भी तकरीबन काम करना बंद कर दे रहे हैं। 63 एमबीए के ट्रांसफार्मरों से 33 केवी के उपकेंद्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है। दोनों ट्रांसफार्मर को एयर कूलिंग कर उसमें मौजूद तेल को ठंडा किया जाता है। इससे ट्रांसफार्मर ठंडा रहता है। 

उपकेंद्र अधिकारी वितरण मृत्युंजय लाल ने बताया कि 10 और 8 एमवीए के ट्रांसफार्मरों में भरे तेल को एयर कूलिंग से ठंडा किया जाता है। 63 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं जिनसे 33 त्रिवेणीपुरम, आवास विकास, ओल्ड जीटी, उस्तापुर महमूदाबाद शहरी क्षेत्र एवं कोटवा, बलरामपुर, मलावां, उमरी, देवरिया हनुमानगंज ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जाती है। बताया कि ट्रांसफार्मरों को गर्मी से बचाने के लिए आठ पंखे लगे है जिससे टेंपरेचर मेंटेन रहता है। इसके अलावा दो पंखे रिजर्व में रखे गए हैं। हालांकि उन्होंने इस बात से भी इंकार नहीं किया है कि टेंपरेचर बढऩे पर स्थिति भयावह हो सकती है। बताया कि टेंपरेचर हाई होने पर आपूर्ति बंद करना जरूरी हो जाता है। क्योंकि 55 से ऊपर तापमान होने पर रिले खतरे की घंटी का सिग्नल देने लगता है। ऐसी स्थिति में वाइंडिंग व आयल टेंपरेचर को कंट्रोल कर पाना मुश्किल हो जाता है।

इनकमिंग फीडरों का वोल्टेज हुआ कम
भीषण गर्मी के कारण बिजली के इनकमिंग फीडरों की हालत भी पतली हो गई है। आवास विकास कालोनी योजना तीन स्थित विद्युत उपकेंद्रों की दशा इन दिनों बेहद खराब है। विद्युतकर्मियों के मुताबिक इनकमिंग फीडर का पारा दस एमपीयर से कम नहीं होना चाहिए लेकिन भीषण गर्मी के कारण पारा आठ और नौ एमपीयर के बीच पहुंचकर रूक जा रहा है। इसकी वजह से उपभोक्ताओं के घरों में पहुंचने वाली बिजली का वोल्टेज बेहद कम रह रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बारिश होने के बाद ही इसमें सुधार आएगा।

नई झूंसी आजाद नगर में आधी रात को धू-धू कर जला ट्रांसफार्मर, मची खलबली
गंगापार के झूंसी आजादनगर वार्ड में पिछले कई दिनों से हो रही बिजली की अनियमित कटौती से लोग परेशान हैं। इसी बीच सोमवार की रात तकरीबन बारह बजे बजे अचानक बाजार में लगा ट्रांसफार्मर धू-धू कर जलने लगा। लोगों की घटना की जानकारी स्थानीय बिजली उपकेंद्र पर दी तो तत्काल सप्लाई ठप कराई गई। पता चला कि बंच कंडक्टर कई जगहों से आपस में उलझ गया तो ट्रांसफार्मर का जंफर उड़ गया जिससे आग लग गई। बिजलीकर्मियों के भारी मशक्कत के बाद रात तकरीबन दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गई तो लोगों ने राहत की सांस ली।

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