महत्वपूर्ण संदेश
देश ने अब तक संक्रमण का मुकाबला बेहद संयमित और गंभीर तरीके से किया है, लेकिन लाकडाउन की समाप्ति के साथ ही देश भर में यह देखा जा रहा है कि लोगों की कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति लापरवाही बढ़ रही है। बाजारों, धर्मस्थलों समेत अन्य समारोहों में बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क …
देश ने अब तक संक्रमण का मुकाबला बेहद संयमित और गंभीर तरीके से किया है, लेकिन लाकडाउन की समाप्ति के साथ ही देश भर में यह देखा जा रहा है कि लोगों की कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति लापरवाही बढ़ रही है। बाजारों, धर्मस्थलों समेत अन्य समारोहों में बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क के नजर आ रहे हैं। ऐसे में, कोई भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। यह लापरवाही अब तक हुई सारी कवायद पर पानी फेर सकती है। अब त्योहारी सीजन के चलते और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है, इसीलिए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया तो हाथ जोड़कर देशवासियों से खुद और समाज को सुरक्षित रखने के लिए नियमों का पालन करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कोरोनाकाल के बाद लगातार देश को संबोधित किया है। मगर इस वक्त उन्हें फिर से कोरोना से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आने की जरूरत पड़ी तो साफ है कि कहीं न कहीं लोगों के मन में संक्रमण को लेकर बनी शिथिलता को तोड़ने की जरूरत है, इसीलिए प्रधानमंत्री ने मीडिया, सोशल मीडिया से जुड़े लोगों से भी इस मुद्दे पर जागरूकता के लिए आगे आने को कहा।विश्व के तमाम विकसित देशों की तुलना में भारत में प्रति व्यक्ति संक्रमण दर और मृत्यु दर नीचे रही है। इसके पीछे अब तक लोगों का सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन और खुद भी सावधानी से संक्रमण रोकने के लिए प्रयास हैं।
देश ने अब तक जिस तरह से कोरोना का मुकाबला किया वह एक मिसाल ही कही जाएगी। संक्रमण के फैलने के बाद से कोरोना की जांच में देश पीछे नहीं रहा। इसके अलावा कोरोना मरीजों के इलाज के लिए भी सरकार के स्तर से युद्ध स्तर पर प्रयास किए गए। मगर यह सब प्रयास तभी सार्थक माने जाएंगे जब भविष्य में भी कोरोना संक्रमण का मुकाबला करते हुए वैक्सीन आने तक इसका प्रसार रोका जाए। वैक्सीन कब तक आएगी? यह अभी निश्चित नहीं है।
वैक्सीन आने के बाद भी आम लोगों तक इसे पहुंचाना सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। लिहाजा देशवासियों को समझना होगा कि लाकडाउन खत्म हुआ है, कोरोना नहीं, जैसा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भी कहा। उम्मीद की जानी चाहिए राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लोग पहले से भी अधिक जागरूक होते हुए खुद और राष्ट्र, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। उम्मीद की जानी चाहिए कि देशवासी खुद के बचाव के साथ ही संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सावधानियों का पालन करेंगे।
