मानसून आने से पहले पुलिया निर्माण में लापरवाही, बेहद धीमी गति से हो रहा काम-ग्रामीणों में बेचैनी
बाराबंकी, अमृत विचार। करीब आठ माह पहले बारिश में आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई खारजा की पुलिया का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि फिर बारिश का समय नजदीक हैं। पुलिया निर्माण में जिम्मेदारों की लापरवाही से ग्रामीणाें में बेचैनी दिख रही है। जिम्मेदार अधिकारी निर्माण कार्य के दौरान पानी आने से व्यवधान होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं आसपास गांव के ग्रामीणों को करीब पांच किलोमीटर घूम कर आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ब्लॉक सूरतगंज क्षेत्र के सुढ़ियामऊ व सूरतगंज मार्ग पर महमूदपुर गांव के पास से गुजरी खारजा नहर पर बनी पुलिया करीब आठ माह पूर्व हुई बारिश में आई बाढ़ से पुलिया के नीचे बने पिलर्स टूट कर बह गए थे। जिससे पुलिया अचानक बैठकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। प्रधान प्रतिनिधि अमीर सिंह ने क्षत्रिग्रस्त पुलिया की जानकारी लोक निर्माण विभाग को दी थी। जिसके बाद जेई ज्ञानेन्द्र कुमार मौर्या ने पुलिया के पास संकेत क्षत्रिग्रस्त का बोर्ड लगवाया था। वहीं पुलिया की दोनों तरफ सड़क के बीचो बीच चार चार फिट की दीवाल भी खड़ी कराई थी। उस समय राहगीरों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था। कई माह तक पुलिया क्षतिग्रस्त पड़ी रही।
हालांकि पीडब्लूडी ने स्टीमेट तैयार कर बजट के आधार पर तीन माह पहले निर्माण कार्य शुरू कराया। जिसके बाद निर्माण कार्य कछुए की चाल से चल रहा है। बारिश का समय भी नजदीक आ गया है ऐसे में कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पुलिया का निर्माण कार्य लेटलतीफी चलने से ग्रामीणों को दिक्कतें झेलना लाजमी है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है लेकिन इस दौरान पानी आने से कार्य में व्यवधान भी उत्पन्न हो रहा है। जल्द ही बारिश के पहले निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा लेकिन मौके पर जो निर्माण कार्य की स्थिति दिख रही है उससे लगता है कि बारिश के बाद ही ग्रामीणों को नई पुलिया की सौगात मिलेगी और उन्हें इस बार भी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
पीडब्लूडी के जेई ज्ञानेंद्र मौर्या ने बताया कि तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है दिन-रात बैठकर ठेकेदारों से काम लिया जा रहा है। पानी भरने से कार्य में व्यवधान आता है। लेकिन बारिश से पहले काम पूरा हो जाएगा। वहीं सीडीओ अ.सुदन ने बताया कि इस संबंध में पीडब्लूडी के अधिकारियों से सवाल-जवाब किया जाएगा कि आखिर निर्माण कार्य में इतनी देरी क्यों हुई।
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