मानसिक और शारीरिक विकास में योग जरूरी, लखनऊ विश्वविद्यालय में योग माह का आयोजन
लखनऊ, अमृत विचारः लखनऊ विश्वविद्यालय में योग मंथ चल रहा है। इसमें हर दिन तरह-तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के संरक्षण एवं निर्देशन में योग हाल में योग के माध्यम से छात्रों का समग्र विकास नामक सेमिनार का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की मुख्य वक्ता के रूप में नवयुग कन्या महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग विभागाध्यक्ष मेजर डॉ. मनप्रीत कौर सोढी शामिल हुई। डॉ. मनप्रीत कौर सोढी ने कहा कि छात्र, समाज, देश, की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। इन पर ही समाज और देश का विकास निर्भर है। छात्रों के कौशल एवं स्वास्थ्य के विकास में योग की विधियां लाभदायक हैं। जीवन की चुनौतियों से जूझने में भी योग कारगर है। अष्टांग योग के यम एवं नियम का अभ्यास करने से मन की निर्मलता और जीवन की पवित्रता बढ़ती है। जीवन में चुनौतियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य में बढ़ोतरी के लिए वातायन आसन, पवनमुक्तासन, उत्तानपादासन, सेतुबंधासन, तथा प्राणायामों में नाडी शोधन प्राणायाम, कपालभाति प्राणायाम, शीतली प्राणायाम, आदि लाभदायक हैं।
योग शिविर का आयोजन
को-ऑर्डिनेटर डॉ. अमरजीत यादव ने बताया कि छात्र जीवन चुनौती पूर्ण होता है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव रहता है। इस स्थिति में तनाव, उच्च रक्तचाप और नींद न आती हो तो छात्रों को योग निद्रा का अभ्यास करना चाहिए। सुबह 8 बजे से छवि शांति धाम वृद्धा आश्रम जानकीपुरम लखनऊ में बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए योग शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें घुटने का दर्द, तनाव तथा अनिद्रा के आसनों का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता प्रो. अशोक कुमार सोनकर, डॉ. रामकिशोर, डॉ. रामनरेश व छात्र एवं छात्राएं उपस्थि थे।
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