लखनऊ: लापरवाही बरतने वाले 124 राजस्व अधिकारियों को नोटिस

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राजस्व वादों के निपटारे में हीलाहवाली समेत अन्य लंबित मामलों के मद्देनजर कार्रवाई

लखनऊ, अमृत विचार। राजस्व परिषद ने विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले 124 राजस्व अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। रियल टाइम खतौनी की निराशाजनक उपलब्धि, स्वामित्व योजना (घरौनी) दयनीय स्थिति, राजस्व वादों के निपटारे में हीलाहवाली समेत अन्य लंबित मामलों में राजस्व परिषद अध्यक्ष रजनीश दुबे के निर्देश पर इन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राजस्व परिषद की बैठक में सोमवार को 30 जून तक पूरे राज्य में में ई-खतौनी (रियल टाइम खतौनी) का कार्य पूरा करने की अवधि तय की गई। उद्योगों से जुड़े भू-परिवर्तन के मामले भी इसी समयसीमा तक निपटाए जाएंगे।

बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के जिलों की समीक्षा के दौरान स्वामित्व योजना (घरौनी) में 13 जिलों की स्थिति खराब पाई गई है। इस प्रकरण में संबंधित जिलों के नोडल अपर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रियल टाइम खतौनी में असंतोषजनक प्रगति के कारण 62 अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया। राजस्व वादों के निपटारे में लापरवाही बरतने वाले सी श्रेणी के 26 अपर जिलाधिकारियों, सात उप जिलाधिकारियों, सात तहसीलदारों और नौ नायब तहसीलदारों को भी अध्यक्ष रजनीश दुबे के निर्देश पर आयुक्त और सचिव राजस्व परिषद द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

30 जून तक ई-खतौनी का कार्य पूरा करने के निर्देश

वहीं, मध्य एवं पूर्वी उप्र. के 36 जिलों के अपर जिलाधिकारियों व मुख्य राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक में राजस्व परिषद अध्यक्ष ने 30 जून तक सभी जिलों में ई-खतौनी का कार्य पूरा करने की हिदायत दी। समीक्षा में प्रयागराज और वाराणसी जिले की स्थिति भी असंतोषजनक पाई गई।

उद्योगों से जुड़े भू-परिवर्तन के लंबित मामलों की समीक्षा के क्रम में लखनऊ, प्रयागराज और बाराबंकी जिले की स्थिति खराब पाई गई। ऐसे सभी मामलों को 30 जून तक निपटाने का निर्देश दिया गया है। इन जिलों में पैमाइश के मामलों को मौके पर कोर्ट लगाकर निपटारे का निर्देश दिया गया है।

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