यूपी कैबिनेट बैठक: ओबरा पावर प्लांट की अनुमानित लागत बढ़ी, 1000 करोड़ का लोन लेंगे
मंत्रिमंडल से जलशक्ति विभाग की 26 परियोजनाओं को भी हरी झंडी, लखीमपुर में होगा हवाई पट्टी का विस्तार, 655 एकड़ ज़मीन का होगा
लखनऊ, अमृत विचार। लोकसभा चुनाव आचार संहिता लगने के दौरान शिथिल पड़ गईं परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जायेगा। मंगलवार को लोकभवन में राज्य मंत्रिमंडल की चुनाव के बाद पहली कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने ओबरा के पावर प्लांट की लागत बढ़ाने को मंजूरी दे दी। पहले इसकी लागत 11705 करोड़ रुपए थी, अब 13005 करोड़ रुपए लागत हो गई है। इसी के साथ बिजली विभाग में लोन लेने के लिए 1000 करोड़ का लोन 9.5 फीसद की दर से हुडको से लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हुडको से 1000 करोड़ के लिए लोन की गारंटी सरकार लेगी। वहीं, बलिया के रसड़ा में ट्रांसमिशन सबस्टेशन की लागत 537 करोड़ लागत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल से जलशक्ति विभाग की 26 परियोजनाओं को भी हरी झंडी दिखायी गई। इनमें ललितपुर, झांसी, महोबा, मिर्जापुर, महोबा जैसे जिलों से जुड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी मिली है। ज्यादा परियोजनाएं नमामि गंगे से जुड़ी हैं।
जेवर के किसानों के लिए मुआवजे की स्वीकृति
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित की गई किसानों की जमीन के लिए मुआवजे की राशि को मंजूरी दी गई। इसका लाभ हजारों किसानों को मिलेगा। दरअसल, जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का काम काफी तेजी से चल रहा है। लगभग आधा काम पूरा कर लिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि 2024 में पहले रनवे से विमान उड़ान भरेगा। इसके साथ दूसरे, तीसरे और चौथे चरण की भी तैयारी शुरू हो गई है। अब तीसरे-चौथे चरण के लिए जमीनों का अधिग्रहण शुरू हो गया है। जेवर के 14 गांव में करीब 2053 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें तीन रनवे बनेंगे। इस प्रक्रिया में गांव वालों को मुआवजा देने और जमीन अधिग्रहण के लिए करीब 15 हजार करोड़ का खर्च आएगा।
वहीं, लखीमपुर में हवाई पट्टी के विस्तार को भी कैबिनेट से मंजूरी दी गई है। यहां हवाई अड्डा बनाए जाने के तहत गांवों की 655 एकड़ ज़मीन अधिग्रहण की जाएगी। इसके लिए 271 करोड़ रुपए को मंजूरी मिली है। उधर, मथुरा में जनसुविधाओं एवं शिल्पग्राम की स्थापना के लिए ग्राम समाज की 6.859 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क सौंपी जाएगी।
मंत्रिमंडल की पहली पेपरलेस बैठक
मंत्रिमंडल की बैठक में जिन 41 प्रस्तावों पर मुहर लगी है उनमें से 26 प्रस्ताव जल संसाधन विभाग के हैं। सरकार की यह पहली पेपरलेस कैबिनेट बैठक हुई है। इसमें सभी मंत्री टैबलेट के साथ पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव के चलते चार महीने से कैबिनेट की बैठक नहीं हुई थी। चुनाव अधिसूचना से पहले 5 मार्च को आखिरी बैठक हुई थी।
ये भी पढ़ें -प्रयागराज: कांजी हाउस में भूख और प्यास से बिलबिला रहे मवेशी, अधिकारी बेखबर
