जम्मू आतंकी अटैक: हमले के बाद 120 फीट गहरी खाई में जा गिरी थी बस, पांच मिनट तक गोलियां बरसाते रहे आतंकी

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जम्मू आतंकी हमले में घायल हुए देवी प्रसाद ने बयां की खौफनाक मंजर की दास्तान

सुनील गौड़/मसकनवा/ गोंडा, अमृत विचार। जम्मू आतंकी हमले में घायल हुए देवी प्रसाद बृहस्पतिवार की रात गोंडा रेलवे स्टेशन पर उतरे तो मानों लगा कि उन्हें फिर से नया जीवन मिल गया हो। उनके साथ उनकी पत्नी और दोनों बच्चे भी थे। आंखों में आतंकी हमले के खौफ के बाद वापस अपने घर लौटने की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। यहां से उन्हे एंबुलेंस के जरिए उनके गांव पहुंचाया गया। घर पहुंचने के बाद पीड़ित देवी प्रसाद ने अमृत विचार संवाददाता से आतंकी हमले के खौफनाक मंजर की हकीकत बतायी। देवी प्रसाद ने कहा कि उन्होंने तो जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। हमले के बाद बस सड़क किनारे खाई में गिर रही थी और आतंकी ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहे थे। लेकिन यह माता रानी का चमत्कार ही है कि वह और उनका परिवार जीवित है।

देवी प्रसाद ने बताया कि यात्रियों से भरी बस शिवखोड़ी मंदिर से वापस लौट रही थी।‌ रास्ते में घने जंगल के बीच आतंकियों ने बस पर हमला कर दिया। ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनकर बस के यात्री सहम गए‌। वह बस के पीछे से तीसरी सीट पर थे। बगल के यात्री ने बताया कि बस पर आतंकी हमला हो गया है। आतंकी बस का दरवाजा पीट रहे थे। लेकिन दरवाजा नहीं खुला। ड्राइवर ने हिम्मत दिखाते हुए बस की स्पीड तेज कर दी और यात्रियों को सुरक्षित निकाल ले जाने की कोशिश की लेकिन आतंकियों ने उसे गोली मार दी। गोली लगते ही चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और बस सीधे सड़क किनारे गहरी खाई में गिरने लगी। एक बार को ऐसा लगा कि अब जीवन नहीं बचेगा। वह भगवान को याद करने लगे। इसी बीच बस 120 फीट गहरी खाई में जा गिरी। 

बस के गिरने के बाद भी आतंकी बस पर गोलियां बरसाते रहे। करीब पांच मिनट तक फायरिंग होती रही। जब फायरिंग की आवाज थमी तो बस में सवार कई यात्रियों की मौत हो चुकी थी और कई घायल हो गये थे। घायलों में उनके अलावा, उनकी पत्नी, बच्चे, रिश्तेदार, दोस्त सब शामिल थे। सब यहां वहां पड़े कराह रहे थे और चीख पुकार मची हुई थी। करीब 20 मिनट बाद सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। कुछ देर बाद सभी अस्पताल पहुंच गए और उनका इलाज शुरू हो गया। इस हमले की दास्तान सुनाते समय देवी प्रसाद और उनकी पत्नी नीलम के चेहरे पर हमले का खौफ साफ दिख रहा था लेकिन इसके साथ जीवित बचने का संतोष भी था। देवी प्रसाद ने कहा कि गोलियों की तड़तड़ाहट और फिर 120 फीट गहरी खाई में गिरकर जिंदा रह जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। देवी प्रसाद ने बताया कि उनकी पत्नी नीलम के पैर में फ्रैक्चर है। जबकि वह और दोनों बच्चे ठीक हैं। चोट लगी है लेकिन उतनी गंभीर नहीं है। 

पेड़ के बीच जाकर अटक गयी बस, इसलिए बच गयी जान 
देवी प्रसाद ने कहा कि जिस वक्त बस खाई की तरफ गिर रही थी उस वक्त यहा लगा कि अब जीवित बचना नामुमकिन है। फिर अचानक धमाके के साथ बस रुक गयी। दरअसल नीचे गिरते समय बस पेड़ों के बीच अटक गयी‌ और सीधी ही रह गयी। अगर बस और नीचे गिरती तो किसी का भी जिंदा बचना मुश्किल हो जाता। लेकिन यह माता रानी का चमत्कार ही रहा कि वह आज जीवित हैं और अपने घर लौट सके हैं। देवी प्रसाद मने इस घटना में मारे गए  लोगों के प्रति दुख भी जताया।

एक घंटे तक‌ करना पड़ा एंबुलेंस का इंतजार, मीडिया के हस्तक्षेप पर मिली सुविधा
बृहस्पतिवार की रात देवी प्रसाद और उनका परिवार को गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचने पर करीब एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। बाद में जब मीडिया कर्मियों ने हस्तक्षेप किया तब जाकर उन्हे एंबुलेंस मुहैया करायी गयी। इससे देवी प्रसाद आक्रोशित दिखे। देवी प्रसाद ने कहा कि उनसे बताया गया था कि स्टेशन पर एंबुलेंस खड़ी मिलेगी लेकिन जब वह पहुंचे तो कोई व्यवस्था नहीं मिली। इसके लिए उन्होने जिला प्रशासन की आलोचना भी की। हालांकि उन्होने जम्मू प्रशासन की जमकर तारीफ की। 

डीएम के निर्देश के बावजूद नहीं पहुंचा कोई अफसर 
डीएम नेहा शर्मा ने जम्मू के रियासी जिले में हुई दुर्घटना के पीड़ित श्रद्धालुओं को हर संभव मदद एवं उच्च कोटि के उपचार मुहैया कराने का निर्देश दिया था। उन्होने कहा था कि वह खुद इनकी स्थिति का जायजा ले रहीं हैं और जिला प्रशासन पीड़ित परिजनों के साथ खड़ा है‌।उन्होने एसडीएम मनकापुर को व्यक्तिगत रूचि लेकर घायल श्रद्धालुओं को बेहतरीन मेडिकल सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया था लेकिन इस निर्देश के बावजूद शुक्रवार को पूरे दिन कोई अधिकारी पीड़ितों का हाल जानने नहीं गया‌। 

यह था पूरा घटनाक्रम 
दरअसल छपिया थाना क्षेत्र के भिखारीपुर गांव के रहने वाले देवी प्रसाद 4 जून को अपने परिवार व रिश्तेदारों के साथ माता वैष्णो देवी की यात्रा पर गए थे। माता का दर्शन करने के बाद सभी शिवखोड़ी मंदिर चले गए। शिवखोड़ी से लौटते समय 9 जून को रियासी जिले में श्रद्धालुओं से भरी बस पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। हमले के बाद बस खाई में गिर गई थी और बस में सवार 10 श्रद्धालु मारे गए थे तथ 33 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों में 8 श्रद्धालु गोंडा जिले के रहने वाले थे जिसमें देवी प्रसाद और उनका परिवार भी शामिल था‌।

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